Ghaziabad 3 Sisters Suicide Update:: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में अब धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौटनी शुरू हो गई है. मगर लोगों के दिलों में उस रात का खौफ अभी भी बना हुआ है. यहां रहने वाली 3 बहनें 12, 14 और 16 साल की निशिका, पाखी और प्राची ने जिस तरह से 9वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दी है, उसने हर किसी को अब तक हिला कर रखा हुआ है. इस बीच मामले को लेकर कई थ्योरी भी सामने आ रही हैं. मगर इतना साफ है कि ये तीनों बच्चियां कोरियन कल्चर से बुरी तरह से प्रभावित थीं. बच्चियों के पिता चेतन और इस परिवार को लेकर भी कई चौंकाने वाली बाते सामने आई हैं.
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इसी बीच अब एक ऐसी बात पता चली है, जिसे जान आप भी चौंक जाएंगे. हमारे सहयोगी आज तक की खबर के मुताबिक, रात में ही परिवार द्वारा तीनों बहनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया था. पुलिस भी नहीं समझ पा रही कि आखिर क्यों रात में ही परिवार ने तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया?
रात में क्यों किया अंतिम संस्कार?
आपको बता दें कि घटना के बाद तीनों का पोस्टमॉर्टम करवाया गया था. इसके बाद बुधवार रात को ही तीनों बच्चियों का अंतिम संस्कार परिवार ने कर दिया. तीनों का अंतिम संस्कार दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया. बच्चियों का अंतिम संस्कार भी उनके पिता ने ही किया.
इसको लेकर शालीमार गार्डन के एसीपी अतुल कुमार सिंह ने एक न्यूज एजेंसी से कहा, पता नहीं क्यों पिता ने बुधवार रात में ही बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया. इसकी वजह पता नहीं चल पाई है. इसको लेकर पिता और परिवार के निजी कारण हो सकते हैं.
पुलिस का कहना है कि इसके पीछे की वजह को लेकर अभी तक कोई संदिग्ध कारण सामने नहीं आया है. मगर फिर भी इतनी बड़ी घटना के बाद परिवार ने इतनी जल्द ये फैसला क्यों लिया? आपको ये भी बता दें कि अंतिम संस्कार से पहले तीनों का पोस्टमॉर्टम भी हुआ था. पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह तीनों के सिर पर गंभीर चोट लगना बताया गया था.
पिता के दावे और बेटियों की छोड़ी डायरी की कहानी अलग-अलग
घटना के बाद पिता ने कहा था कि उनकी बेटियां कोरियन गेम खेल रही थीं. वह 1 साल से टास्क आधारित कोरियन गेम खेल रही थीं और वह पूरी तरह से गेम के प्रभाव में थीं. पिता का दावा था कि इसी गेम के चक्कर में उन्होंने खुद को पूरी तरह से अलग कर लिया था और पढ़ाई भी छोड़ दी थी. दूसरी तरफ पुलिस जांच में कोरियन ऐप या गेम की बात सामने नहीं आई है.
इसी के साथ बच्चियों ने जो डायरी छोड़ी है, उसे देख साफ लगता है कि बच्चियां बुरी तरह से कोरियन कल्चर से प्रभावित थीं. मगर इस डायरी में जो लिखा हुआ है, उससे ये भी पता चलता है कि इस परिवार में भी सब कुछ नॉर्मल नहीं था. इसमें बच्चियों ने अपने साथ हो रही मारपीट को लेकर भी लिखा है.
फिलहाल माना जा रहा है कि बच्चियों से उनका मोबाइल छीनना और उनका अकाउंट डिलीट करवाना, शायद इस सनसनीखेज की अहम कड़ी है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
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