3 सगी बहनों निशिका, प्राची, पाखी को 9वीं मंजिल में कूदने से ठीक पहले बॉलकनी में देखने वाले चश्मदीद अरुण कुमार ने क्या बताया?

Eyewitness Arun Kumar about Ghaziabad three sisters case: गाजियाबाद के भारत सिटी सुसाइड केस में चश्मदीद अरुण कुमार ने आंखों देखा खौफनाक मंजर बयां किया है. रात 2 बजे उन्होंने टावर B-1 की बालकनी में हलचल देखी जहां तीनों बहनें निशिका, प्राची और पाखी रेलिंग पर चढ़ी थीं. चश्मदीद को लगा कि शायद वे एक दूसरे को बचा रही हैं. लेकिन कोरियन गेम के 50वें टास्क के दबाव में तीनों ने एक साथ मौत की छलांग लगा दी.

Eyewitness Arun Kumar

हिमांशु मिश्रा

04 Feb 2026 (अपडेटेड: 04 Feb 2026, 11:51 AM)

follow google news

Eyewitness Arun Kumar about Ghaziabad three sisters case: रात के करीब 2:00 बज रहे थे. भारत सिटी सोसाइटी के टावर में चारों ओर सन्नाटा था, लेकिन फ्लैट नंबर 907 (बी-1 टावर) की बालकनी में कुछ ऐसा हो रहा था जिसे देख सामने रहने वाले अरुण कुमार की रूह कांप गई. 'UPTak' के पास उस चश्मदीद की पूरी गवाही है जिसने इन तीन मासूमों को मौत की आगोश में समाते अपनी आंखों से देखा.

यह भी पढ़ें...

चश्मदीद अरुण कुमार की आंखों देखी - मुझे लगा कोई कपल है

सोसाइटी में रहने वाले बिजनेसमैन अरुण कुमार ने बताया कि रात के वक्त जब उन्होंने सामने वाली बालकनी की तरफ देखा, तो वहां की लाइट जल रही थी. उन्हें कुछ 'असामान्य' लगा क्योंकि बालकनी की रेलिंग पर कोई बैठा हुआ था. अरुण कुमार बताते हैं कि, 'मुझे लगा कोई कपल (पति-पत्नी) है जो कूदने की कोशिश कर रहा है और कोई उन्हें पीछे से खींच रहा है. एक बार तो वो लड़की रेलिंग से नीचे उतर भी गई थी. लेकिन फिर अचानक एक बच्चा आकर उससे लिपट गया. मुझे लगा वो बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तभी देखते ही देखते तीनों एक साथ नीचे गिर गए.'

अरुण को उस वक्त अंदाजा भी नहीं था कि वो कोई कपल नहीं, बल्कि तीन सगी बहनें निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) थीं, जो एक खूनी खेल के जाल में फंसी थीं. जैसे ही तीनों बहनें नीचे गिरीं, अरुण कुमार तुरंत एम्बुलेंस और पुलिस की ओर भागे. उन्हें लगा शायद कोई बच जाए, लेकिन 9वीं मंजिल से गिरने के बाद लोनी के अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. 

यहां नीचे देखिए चश्मदीद ने वीडियो में क्या-क्या बताया

पुलिस को मौके से मिला ये नोट

पुलिस को मौके से एक नोट भी बरामद हुआ है. इन तीन मासूमों ने अपनी आखिरी चिट्ठी में सिर्फ इतना लिखा- सॉरी मम्मी, सॉरी पापा. ये शब्द चीख-चीख कर बता रहे हैं कि उनके मन में कितना द्वंद्व चल रहा होगा, लेकिन शायद उस 'कोरियन गेम' का दबाव उनके माता-पिता के प्यार से ज्यादा भारी पड़ गया. 

पिता का चौंकाने वाला खुलासा: 50 टास्क और खूनी 'कोरियन गेम' 

लड़कियों के पिता चेतन कुमार के मुताबिक, बच्चियां एक ऑनलाइन कोरियन गेम की एडिक्ट थीं. इस गेम में कुल 50 टास्क थे और बुधवार रात को इस गेम का आखिरी और 50वां टास्क पूरा करना था. सवाल ये है कि क्या बच्चियों को आखिरी टास्क में मौत को गले लगाने को कहा गया? 

पिता ने बताया कि रेलिंग ऊंची होने के कारण बच्चियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी (स्टूल) का इस्तेमाल किया. बताया जा रहा है कि 14 साल की प्राची इस गेम की लीडर थी और वही बाकी दोनों बहनों को कमांड दे रही थी. 

दो पत्नियां, पांच बच्चे, पिता के बारे में भी ये जान लीजिए

जांच में यह भी सामने आया है कि बच्चियों के पिता ने दो शादियां की हैं और दोनों पत्नियां सगी बहनें हैं. पूरा परिवार एक ही घर में साथ रहता था. जान गंवाने वाली तीन बहनों में से दो बड़ी मां की और एक छोटी मां की बेटी थी. हैरान करने वाली बात यह भी है कि पिछले 2 साल से ये तीनों बच्चियां स्कूल भी नहीं जा रही थीं, जिससे वे पूरी तरह से ऑनलाइन दुनिया के जाल में फंस गईं. 

UP Tak अपने पाठकों से अपील करता है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें. किसी भी टास्क-बेस्ड गेम के प्रति बढ़ती लत जानलेवा हो सकती है.

    follow whatsapp