Shravasti Crime News: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में 3 मार्च को पुलिस को मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ककरदरी रेंज जंगल में एक महिला के कंकाल की सूचना मिली. जैसे ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची वहां कंकाल की हालत देखकर दंग रह गई. अधजली कंकाल के टुकड़े और जले हुए कपड़े जमीन पर पड़े हुए थे. लेकिन अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बात का पता लगाने की थी कि आखिर ये कंकाल किसका है. पुलिस ने जब पड़ताल शुरू की तो पता चला कि एक महिला किसान नेता आंचल मिश्रा करीब दो हफ्ते से लापता चल रही हैं. इस दौरान मालूम हुआ कि ये कंकाल, जले हुए कपड़े जो जंगल के बीचों-बीच बरामद हुए हैं वो किसी और के नहीं आंचल मिश्रा के ही हैं. लेकिन आंचल की हत्या किसने की इस बात का पता लगाना बाकी था. पुलिस की जांच पड़ताल में महिला किसान नेता के अफेयर की भी बात सामने आई जिसने इस केस की गुत्थी को आसानी से सुलझा दिया.
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17 फरवरी से लापता हुई आंचल मिश्रा का 3 मार्च को मिला कंकाल
महिला किसान नेता आंचल मिश्रा के पति संतोष मिश्रा ने बताया कि वह 17 फरवरी को घर से यह बोलकर निकली थीं कि वो किसान यूनियन की बैठक में जा रही हैं. लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटीं. 15 दिनों तक पुलिस और परिजन जिस आंचल को तलाश रहे थे. लेकिन उनका अब तक कहीं कोई पता नहीं चल पाया था. इस बीच 3 मार्च को ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि ककरदरी रेंज के जंगल में जले हुए हालत में कंकाल पड़ा है. सूचनाा पाकर पहुंची पुलिस जब जंगल में पहुंची तो वहां का मंजर देख कांप उठी. इस दौरान मौके पर महिला के जले हुए कपड़े और क्षत-विक्षत कंकाल बिखरा पड़ा था. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए. आंचल के पति ने कपड़ों और अवशेषों के आधार पर अपनी पत्नी की शिनाख्त की.
आंचल मिश्रा के प्रेमी वाले एंगल ने चौंकाया
आंचल मिश्रा के पति संतोष मिश्रा ने ये भी बताया कि जब वह अपनी पत्नी की खोजबीन कर रहे थे तब आरोपी सूरज वर्मा भी उनकी मदद करने का ढोंग कर रहा था. इसके बाद से ही उन्हें सूरज के ऊपर शक था. पुलिस जांच में पता चला कि आंचल मिश्रा और सूरज वर्मा के बीच पिछले तीन-चार महीनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. आरोपी सूरज का दावा है कि आंचल उसे ब्लैकमेल कर पैसों की मांग करती थी और पैसे न देने पर पुलिस में शिकायत करने की धमकी देती थी. इसी विवाद से तंग आकर 17 फरवरी को सूरज ने आंचल की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को घने जंगल में छिपा दिया.
मोबाइल लोकेशन ने खोल दी पोल
आंचल के लापता होने के बाद पुलिस ने जब तकनीकी जांच शुरू की तो मोबाइल लोकेशन ने सारा राज खोल दिया. आंचल और सूरज के फोन की आखिरी लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई. कॉल डिटेल्स से पता चला कि दोनों लगातार संपर्क में थे. जब पुलिस ने सूरज को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त सूरज वर्मा एक शातिर अपराधी है जिस पर पहले से भी कई मामले दर्ज हैं. 19 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी. 3 मार्च को आरोपी की निशानदेही पर ही पुलिस जंगल की उस गहराई तक पहुंची जहां आंचल का कंकाल पड़ा था.
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