आदेश रखा गया सुरक्षित... स्वतंत्र भारद्वाज को होगी जेल या मिलेगी बेल? 15 सितंबर को कोर्ट सुनाएगी फैसला

यूपी तक

• 05:57 PM • 14 Sep 2026

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हमले के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज की नियमित जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई. अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिस पर 15 सितंबर को निर्णय सुनाया जाएगा.

Swatantra Bhardwaj

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर हमले के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज की नियमित जमानत याचिका पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है जिस पर कल यानी 15 सितंबर को फैसला सुनाया जाएगा. इससे पहले पुलिस ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. जबकि हाल ही में उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली थी.

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जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

स्वतंत्र भारद्वाज ने नियमित जमानत के लिए पटियाला हाउस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद और हमले के मामले में गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट से भी झटका लगने के बाद उन्होंने निचली अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी. मामले में लंबी बहस सुनने के बाद कोर्ट ने अब आदेश सुरक्षित रख लिया है.

जातिवादी टिप्पणी पर पुलिस का खुलासा

पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने पुलिस से पूछा कि क्या मौके पर जातिवादी शब्द कहे गए थे? इस पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि जब पीड़ित पक्ष की ओर से पहली शिकायत दर्ज कराई गई थी तब जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का कोई जिक्र नहीं था. जांच के दौरान जब शिकायतकर्ता का दोबारा बयान दर्ज हुआ तब जातिवादी टिप्पणी किए जाने का दावा किया गया. इसी दूसरे बयान को आधार बनाकर एफआईआर में बाद में SC/ST एक्ट की धाराएं शामिल की गईं.

बचाव पक्ष का आरोप

स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने बताया कि उनके खिलाफ 23 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी. पुलिस ने उन्हें 27 जून को पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस जारी किया और वे 29 जून को पूछताछ के लिए पेश हुए. इसके बाद उन्हें जाने दिया गया. फिर कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद उन्हें 4 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया.उनकी गिरफ्तारी के बाद एक नई एफआईआर दर्ज की गई.

स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने कहा 'सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान शिकायतकर्ता ने खुद स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला किया. वह वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध है. अदालत ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो को देखा जिसमें जंतर मंतर प्रोटेस्ट के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज पर हुए हमले को दर्शाया गया था.

शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज को गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार नहीं किया गया था. उनके खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम और पीओसीएसओ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है. स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह स्पष्ट रूप से स्वीकार कर रहे हैं कि उन्होंने शिकायतकर्ता पर हमला किया था.

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