Shivanand Chaurasia: मध्य-पूर्व में जारी अमेरिकी-ईरानी संघर्ष के बीच ओमान तट के पास अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले यूपी के देवरिया के रहने वाले शिवानंद चौरसिया का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा. शिवानंद की मौत के आठ दिन बाद उनका शव घर पहुंचते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पीड़ित परिवार ने शव को गाड़ी से उतारने से इनकार करते हुए आर्थिक मदद, नौकरी और शहीद के दर्जे की मांग की है. मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और राजनेताओं ने परिवार को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
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विमान से गोरखपुर और फिर एम्बुलेंस से लाया गया शव
देवरिया के सुरौली गांव के रहने वाले शिवानंद चौरसिया का शव पहले विमान के जरिए गोरखपुर लाया गया जहां से एम्बुलेंस के माध्यम से उनके पैतृक आवास पहुंचाया गया. जैसे ही एम्बुलेंस घर के बाहर रुकी, पत्नी, बच्चे और अन्य परिजन फूट-फूटकर रोने लगे. हर कोई अपने बेटे, भाई और पति को आखिरी बार देखने के लिए बेताब दिखा. इस गमगीन माहौल में सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मृतक के दरवाजे पर जुट गई.
परिजनों ने की ये मांग
शिवानंद की मौत से आक्रोशित और दुखी परिवार शव को एम्बुलेंस से नीचे उतारने को तैयार नहीं था. मृतक के पिता रामजी चौरसिया की तरफ से जिलाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा गया जिसमें चार मुख्य मांगे की गई थीं.
1.पीड़ित पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए.
2.केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिले.
3.दोनों बच्चों की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क करने की मांग की गई थी.
4. शिवानंद चौरसिया को शहीद का दर्जा दिया जाए.
डीएम और एसपी ने दिया आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी और पुलिस अधीक्षक तत्काल मौके पर पहुंचे. डीएम मधुसूदन हुलगी ने कहा कि 'हमारी गहरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं. हमने पीड़ित पत्नी और बच्चों से मुलाकात की है. परिवार ने आर्थिक सहायता और नौकरी से जुड़ी जो भी मांगें लिखित में दी हैं उन्हें हम शासन तक पहुंचाएंगे. ऊपर से जो भी दिशा-निर्देश या जानकारी मिलेगी उससे परिवार को अवगत करा दिया जाएगा.' पारिवारिक सहमति और मांग के बाद यह निर्णय लिया गया है कि शव का पोस्टमार्टम कल सुबह कराया जाएगा जिसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार होगा.
परिवार से मिलने पहुंचे सपा सांसद
घटना की सूचना मिलते ही सलेमपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने सरकार से परिवार को एक करोड़ रुपये, नौकरी और सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने की मांग की. सांसद ने कहा कि इस विषय पर उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात हुई है और वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे. वहीं स्थानीय भाजपा विधायक सुरेंद्र चौरसिया ने भी मृतक के परिजनों से मुलाकात कर ढाढस बंधाया और कहा कि वह और उनकी सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.
कौन थे शिवानंद
शिवानंद चौरसिया देवरिया जिले के सुरौली के रहने वाले थे. मध्य-पूर्व में जारी अमेरिकी-ईरानी संघर्ष के बीच ओमान तट के पास उनके जहाज को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया गया. इस मिसाइल अटैक में तीन नाविकों की मौत हुई है जिसमें शिवानंद चौरसिया भी शामिल थे.
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