उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कोषाध्यक्ष कैश खान का नाम चर्चा में है. कैश खान और उनके मजदूर पर गाय को पालतू कुत्तों से कटवाने के गंभीर आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने हरकत में आते हुए पशु क्रूरता अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की है. स्थानीय निवासी आदिल खान की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. दूसरी तरफ सपा नेता ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए शिकायकर्ता पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं.
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क्या है पूरा मामला?
कन्नौज सदर कोतवाली क्षेत्र के बालापीर मोहल्ले का यह पूरा मामला है. दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, समाजवादी पार्टी के नेता कैश खान और उनके नौकर जमील पर आरोप है कि उन्होंने एक गाय को घेरकर अपने पालतू और खूंखार कुत्तों से बुरी तरह कटवाया. तहरीर में लिखा गया है कि जब गाय पूरी तरह असहाय और जख्मी हो गई तब सपा नेता ने अपने कुत्तों को पीछे हटाया और अपने परिसर के अंदर कर लिया. पुलिस ने स्थानीय निवासी आदिल खान की शिकायत के आधार पर कैश खान और मजदूर जमील के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है.
शिकायतकर्ता आदिल खान ने सपा नेता पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'गाय अक्सर घर के पीछे टहलती रहती है. सपा नेता कैश खान ने जानबूझकर अपने तीन खूंखार कुत्ते उस पर छोड़ दिए. यह खुद को सपा नेता बताते हैं और इन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह हिस्ट्रीशीटर भी रह चुके हैं और जिला बदर की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं. इसके अलावा इन पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और स्टाम्प चोरी के मामले चल रहे हैं.'
सपा नेता कैश खान की सफाई
अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए सपा नेता कैश खान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 'यह हमारी ही पालतू लाल गाय है. मेरे पास दो-तीन गायें हैं. मैं गाय को हांकने के लिए गया था, इसी दौरान हमारे कुत्ते भौंकने लगे जिन्हें डांटकर तुरंत अंदर कर दिया गया. शिकायतकर्ता आदिल का काम ही गलत आरोप लगाना है. वह खुद दबंगई और दलाली करता है और उसने पूरे मोहल्ले को परेशान कर रखा है.'
हिंदू संगठन की प्रतिक्रिया और मांग
मामले में विश्व हिंदू परिषद के नेता पंकज मिश्रा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा 'सपा के वरिष्ठ नेता द्वारा जानबूझकर गेट खोलकर कुत्तों को निकाला गया और गाय पर हमला करवाया गया. इन्होंने पुरातत्व विभाग और शिव मंदिर की जमीनों पर भी कब्जे किए हैं. हमारी मांग है कि पुलिस प्रशासन इनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करे.'
सीसीटीवी फुटेज सामने आने और एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है. कन्नौज सदर कोतवाली पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
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