साधु ब्रजेश दास का अपनी शादीशुदा रिश्तेदार शशि के साथ संबंध बनाने का हुआ खौफनाक अंजाम, महिला तो बची पर ये नहीं!

Baghpat Crime News: बागपत में हरिद्वार के लापता साधु ब्रजेश दास की सनसनीखेज हत्या का खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में सामने आया कि साधु के अपनी रिश्तेदार महिला के साथ अवैध संबंध थे. महिला के पति संजीव ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया और गुस्से में कुल्हाड़ी से साधु की हत्या कर दी.

Baghpat News

मनुदेव उपाध्याय

• 01:30 PM • 17 Feb 2026

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Baghpat Crime News: उत्तराखंड के हरिद्वार से लापता हुए एक साधु ब्रजेश दास की रहस्यमयी गुमशुदगी का पुलिस ने खुलासा किया है. 10 दिनों से लापता ब्रजेश दास की बॉडी यूपी के बागपत में मिली. लेकिन अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर ब्रजेश दास की हत्या किसने की और क्यों? पुलिस की जांच पड़ताल में पता चला कि साधु की हत्या किसी और ने नहीं उनकी रिश्तेदार शशि के पति संजीव ने अपने छोटे भाई  जोगेंद्र के साथ मिलकर की थी. लेकिन जब पुलिस ने हत्या के पीछे की वजह जानननी चाही तो एक चौंकाने वाली बात पता चला.आरोप है कि साधु का संजीव की पत्नी शशि के साथ संबंध था. दोनों एक दूसरे के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थे तभी उन्हें संजीव ने देख लिया जिसके बाद उसने गुस्से में हत्या कर दी. इस मामले में पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुई कुल्हाड़ी बरामद कर ली है और आरोपी पति-पत्नी और देवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

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10 दिन से लापता थे आश्रम के प्रचारक

साधु ब्रजेश दास 5 फरवरी से लापता थे. वह आश्रम के प्रचारक थे. ऐसे में जब काफी समय तक उनका कोई सुराग नहीं लगा तो 10 फरवरी को हरिद्वार के भगवानपुर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई. उत्तराखंड पुलिस ने जब सर्विलांस का सहारा लिया तो साधु की आखिरी लोकेशन उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांगनौली गांव में मिली. पुलिस जांच में सामने आया कि साधु की आखिरी बातचीत गांव की ही एक महिला शशि से हुई थी. पुलिस ने जब शशि को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो परत दर परत राज खुलते चले गए.

पूछताछ में पता चला कि शशि और साधु के बीच संबंध थे. 5 फरवरी को साधु उससे मिलने घर पहुंचे थे. आरोप है कि जब दोनों आपत्तिजनक स्थिति में थे तभी महिला का पति संजीव अचानक घर पहुंच गया.अपनी आंखों के सामने यह मंजर देख संजीव आपा खो बैठा और उसने कुल्हाड़ी से साधु पर ताबड़तोड़ वार कर दिए जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

सबूत मिटाने के लिए नदी में फेंकी लाश

हत्या को अंजाम देने के बाद संजीव ने अपने भाई जोगेंद्र को मौके पर बुलाया. दोनों ने मिलकर साधु के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई और अंधेरे का फायदा उठाकर लाश को पास की कृष्णा नदी में फेंक दिया. आरोपियों को लगा कि पानी के बहाव में शव बह जाएगा और किसी को पता नहीं चलेगा.लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच ने उनकी पूरी प्लानिंग फेल कर दी. उत्तराखंड और यूपी पुलिस के संयुक्त प्रयासों के बाद नदी से साधु का शव बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी संजीव, उसकी पत्नी शशि और आरोपी के भाई जोगेंद्र को गिरफ्तार किया है. 

साधु के गुरुभाई ने बताया कि 'वे 5 तारीख से ही उनकी तलाश कर रहे थे. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.'

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