हर घर नल योजना कि ये टंकी चीख-चीख कह रही चरखारी MLA बृजभूषण राजपूत ने सही ही कहा था!

Mahoba Crack in Tank: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में 'हर घर नल योजना' के भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है. जैतपुर ब्लॉक के नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों की लागत से बनी पानी की टंकी पहली बार भरते ही फटने की कगार पर पहुंच गई.

Mahoba Crack Tank

नाहिद अंसारी

16 Feb 2026 (अपडेटेड: 16 Feb 2026, 01:22 PM)

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Mahoba Crack in Tank: यूपी के महोबा जिले में हर घर नल योजना को लेकर चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा जलशक्ति मंत्री का रास्ता रोककर की गई शिकायत के बाद अब जमीनी हकीकत ग्रामीणों को हैरत में डाल रही है. जैतपुर ब्लॉक के नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी पूरी भरने पर फटने की कगार पर आ गई है. दरारों से बहते पानी के वीडियो ने विभाग के दावों की पोल खोल दी है. ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण करोड़ों की योजना सफेद हाथी साबित हो रही है. ग्राम प्रधान ने अब इस मामले में जिलाधिकारी से लिखित शिकायत कर जांच की मांग की है.

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सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की दरार कितनी गहरी हो सकती है इसका सबूत महोबा के जैतपुर विकासखंड में देखने को मिल रहा है. नगारा डांग गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी जैसे ही पूरी भरी गई वैसे ही उसकी दीवारों से पानी बहने लगा. यह बहता पानी सिर्फ सरकारी संसाधन की बर्बादी नहीं उस भ्रष्टाचार का प्रमाण है जिसकी गूंज अब शासन तक पहुंच रही है. बीते दिनों चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का रास्ता रोककर इस मिशन में बरती जा रही लापरवाही की शिकायत की थी. विधायक के उन आरोपों को अब नगारा डांग गांव की इस रिसती हुई टंकी ने सच साबित कर दिया है. हैरानी की बात यह है कि 2025 में तैयार हुई इस टंकी ने कुछ महीने में ही दम तोड़ दिया. ग्राम प्रधान गायत्री ने जब टंकी की दीवारों से झरना बहते देखा तो सीधे जिलाधिकारी को पत्र लिख दिया. शिकायत साफ है ठेकेदार साहब ने मानकों को ताक पर रखकर ऐसा मैजिक किया कि टंकी में पानी भरते ही लीक करने लगा. 

ग्रामीणों ने भी उठाए ये सवाल

ग्रामीणों का हाल भी कम फिल्मी नहीं है. पुरन और सुशीला जैसे ग्रामीणों का कहना है कि आधे गांव में पानी की सप्लाई वैसी ही है जैसे सरकारी वादे यानी गायब. ग्रामीणों का कहना है कि घर के बाहर लगे नल शोपीस की तरह लग रहे हैं. वहीं पाइपलाइन इतनी कमजोर है कि पानी का दबाव सहने से पहले ही खुद को सरेंडर कर देती है.  वहीं प्रकाश राजपूत नाम के एक ग्रामीण ने कहा कि इस टंकी को जल्द दुरुस्त किया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी अगर जनता बूंद-बूंद पानी को तरसे और सरकारी निर्माण ताश के पत्तों की तरह ढहने लगें तो सवाल उठना लाजमी है.