उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में अभी भी भेड़िए की दहशत बरकरार है. भेड़िए ने महज चौबीस घंटे के भीतर दो मासूम बच्चों को अपना शिकार बनाया है. बीती रात भेड़िया एक 10 माह की बच्ची को घसीटकर ले गया जब वह अपनी मां के साथ सो रही थी. अचानक जब बच्ची की मां रमा देवी की नींद खुली तो उन्हें बच्ची नहीं दिखाई दी. ग्रामीणों ने सूचना पाकर बच्ची की तलाश शुरु की. घंटों की तलाश के बाद बच्ची का शव खेत से बरामद किया गया. इस घटना से कुछ घंटे पहले ही भेड़ियों ने एक पांच साल के बच्चे को भी अपना शिकार बनाया था.
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खोरिया शफीक गांव में रमा देवी अपनी ससुराल श्रावस्ती से मायके आई थीं. बीती रात वह अपनी 10 माह ही बच्ची के साथ सो रही थीं. रात करीब डेढ़ बजे उनकी नींद खुली तो देखा कि उनकी 10 महीने की बेटी सुनीता गायब थी. रमा देवी के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने पीछा किया. लेकिन भेड़िया बच्ची को लगभग 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में ले गया. जब तक ग्रामीण वहां पहुंचते वन्य जीव बच्ची को नोचकर मार चुका था. बच्ची का एक हाथ और एक पैर जानवर ने खा लिया था और उसके चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे.
फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर विनोद कुमार नायक ने बताया कि खिरिया शरीफ गांव में रमा देवी अपनी 10 महीने की बेटी सुनीता के साथ अपने घर के बाहर एक झोपड़ी में सो रही थीं. जब वह आधी रात को उठीं, तो बच्ची गायब थी. गांव वालों ने लड़की को ढूंढना शुरू किया और कई घंटे बाद उसकी कटी-फटी बॉडी एक खेत से मिली.
इस तरह की दर्दनाक घटना कुछ घंटे पहले जिले के कैसरगंज क्षेत्र से भी सामने आई थी. कैसरगंज क्षेत्र के गोड़हिया नंबर तीन के मल्लाहन पुरवा में 5 साल के बेटे रोशन को उसके घर के सामने खेलते समय दो भेड़िए उठा ले गए. परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने गन्ने के खेत को घेर लिया और हांका लगाना शुरू किया. इसके बाद भेड़िए बच्चे के दोनों हाथ खाकर उसे छोड़कर भाग गए. घायल अवस्था में बच्चे को तुरंत बहराइच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसे बचाया नहीं जा सका.
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