संभल हिंसा केस में ASP अनुज चौधरी पर FIR का आदेश देने वाले CJM विभांशु का ट्रांसफर, यहां भेजे गए

CJM Vibhanshu Sudhir Transfer: संभल की जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा में एएसपी अनुज चौधरी और 20 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का अचानक तबादला कर दिया गया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर उन्हें संभल से सुल्तानपुर भेजा गया है.

ASP Anuj Chaudhary

कुमार अभिषेक

21 Jan 2026 (अपडेटेड: 21 Jan 2026, 08:30 AM)

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CJM Vibhanshu Sudhir Transfer: संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़के हिंस्सा मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट CJM विभांशु सुधीर ने ASP अनुज चौधरी के अलावा 15 से 20 पुलिकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. इस बीच CJM विभांशु सुधीर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है.  मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर अचानक संभल से ट्रांसफर कर दिया गया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशानुसार उन्हें संभल से हटाकर सुल्तानपुर भेजा गया है.इसके साथ ही उन्हें CJM से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिविजन) यानि डिमोशन वाला पद दिया गया है. 

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क्या था CJM विभांशु सुधीर का आदेश?

संभल में हुई हिंसा के दौरान आलम नामक एक युवक घायल हो गया था. आलम के पिता यमन ने कोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए CJM विभांशु सुधीर ने एक बड़ा आदेश जारी किया था. उन्होंने एएसपी अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर और करीब 15 से 20 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था. जज के इस आदेश के बाद संभल पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था. संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा था कि पुलिस विभाग इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेगा और फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी. प्रशासन का कहना था कि पुलिसकर्मी केवल अपनी ड्यूटी कर रहे थे.

तबादले के साथ हुआ डिमोशन भी

बता दें कि जज विभांशु सुधीर का तबादला सुल्तानपुर के लिए हुआ है. सामने आई जानकारी के अनुसार उन्हें CJM के पद से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर भेजा गया है.प्रशासनिक शब्दावली में इसे एक पायदान नीचे का पद माना जाता है जिसे डिमोशन की तरह देखा जा रहा है.

क्या था संभल हिंसा विवाद?

एक याचिका अदालत में दायर की गई थी जिसमें दावा किया गया था कि संभल की 16वीं सदी की जामा मस्जिद मूल रूप से एक प्राचीन हरिहर मंदिर के खंडहरों पर बनी है. अदालत ने इस दावे की जांच के लिए सर्वे का आदेश दिया था. 19 नवंबर को पहला सर्वे शांतिपूर्वक हुआ. लेकिन 24 नवंबर को दूसरे सर्वे के दौरान तनाव फैल गया. सर्वे के दौरान मस्जिद के पास भारी भीड़ जमा हो गई. अफवाहें फैलीं कि मस्जिद के भीतर खुदाई की जा रही है जिससे गुस्सा बढ़ गया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई. इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई और करीब 29 सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे.

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