पुलिस वाली मैडम पैसे मांगती हैं... कैमरे पर आकर फिरोज लेडी दरोगा सीमा और उनके साथियों के ये कैसे किस्से बताने लगा!

Baghpat News: बागपत में पुलिस उत्पीड़न और रिश्वतखोरी के आरोपों से परेशान एक शख्स फिरोज ने कैमरे पर लाइव आकर ऐसा कदम उठा लिया जिसने हर किसी को झकझोर दिया. वायरल वीडियो में पीड़ित फिरोज खुलेआम बागपत पुलिस को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराता दिख रहा है.

Firoz

मनुदेव उपाध्याय

20 Jan 2026 (अपडेटेड: 20 Jan 2026, 05:03 PM)

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Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक फिरोज नाम के व्यक्ति ने बागपत पुलिस के कुछ अधिकारियों का नाम लेकर रिश्वत मांगने और जबरदस्ती उसे परेशान करने का आरोप लगाया है. फिरोज का कहना है कि वह न्याय की उम्मीद में कई साल से पुलिस थाने का चक्कर लगा रहा है. लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. इन सबसे से परेशान होकर फिरोज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लाइव आकर बागपत प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कप्तान साहब मैं लाइव जहर खा रहा हूं. मेरी मौत का जिम्मेदार बागपत पुलिस प्रशासन होगा. ये कहते ही फिरोज ने लाइव कैमरे पर जहर खा लिया. सोशल मीडिया पर फिरोज के ऐसा करते ही बवाल मच गया. हालांकि फिरोज की हालत अभी खतरे से बाहर बताई जा रही है. 

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फिरोज ने दरोगा विकास चौहान और सीमा पर लगाए पैसे मांगने के आरोप

फिरोज के मुताबिक उसके साथ हुई एक मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई के नाम पर उसे मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी. फिरोज का कहना है कि तत्कालीन जांच अधिकारी दरोगा विकास चौहान ने कार्रवाई के बदले उससे पैसे  लिए. उनके लाइनहाजिर होने के बाद केस महिला थाने की दरोगा सीमा को मिला.फिरोज ने कहा कि उसे उम्मीद थी कि दरोगा सीमा से उसे न्याय मिलेगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आरोप है कि दरोगा सीमा ने भी उससे काम के बदले पैसे मांगने शुरू कर दिए. 

'दरोगा मंजीत ने बिना किसी कारण बदतमीजी की' 

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में पीड़ित आगे कहता है कि मैंने पहले भी पैसे दिए फिर भी चक्कर लगवा रहे हैं. अब सीमा मैडम पैसे मांग रही हैं. मैं कहां से दूं, मैं न टाटा-बिरला नहीं हूं.'वीडियो के आखिरी पलों में फिरोज एसपी बागपत को लेकर कहता है कि 'मैं पुलिस का सम्मान करता हूं.कप्तान साहब अच्छे आदमी हैं. लेकिन आपकी कोतवाली में ऐसा नहीं होना चाहिए.आरोप है कि 20 दिन पहले कप्तान को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. पीड़ित के मुताबिक इसी केस के सिलसिले में उसे साइन करने के लिए थाने बुलाया गया था. लेकिन वहां मौजूद दरोगा सरदार मंजीत सिंह ने बिना किसी कारण बदतमीजी की और उसे हवालात में बंद कर दिया. न्याय की उम्मीद टूटने पर उसने जान देनें की कोशिश की. 

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