Ghaziabad Asad Encounter News: गाजियाबाद में सूर्या हत्याकांड के बाद मारा गया मुख्य आरोपी असद के पोस्टमार्टम के समय उस समय हलचल बढ़ गई जब उसके रिश्तेदार वहां पहुंचे. असद के चाचा आबिद, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं, ने मीडिया से बातचीत करते हुए परिवार और असद से कई बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि सुबह उन्हें गांव के लोगों के माध्यम से असद के एनकाउंटर में मारे जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. आबिद ने बताया कि असद का अपने पैतृक गांव से लंबे समय से कोई खास संबंध नहीं था. उनके अनुसार, असद कई वर्षों से गांव नहीं आता-जाता था और उसका अधिकांश समय गाजियाबाद में ही बीतता था. उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों का भी उससे बहुत अधिक संपर्क नहीं रहता था. चाचा के मुताबिक, असद के परिवार में उसकी सौतेली मां, एक बहन और एक भाई हैं. भाई शादीशुदा है और अलग रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रहा है.
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पुलिस ने गांव पहुंचकर की थी पूछताछ
आबिद ने बताया कि बीते दिनों पुलिस गांव में भी पहुंची थी और असद के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया था. उन्होंने कहा कि 29 तारीख को पुलिस ने गांव में दबिश देकर परिवार और स्थानीय लोगों से पूछताछ की थी. उस दौरान उन्होंने पुलिस को बताया था कि असद गांव में नहीं रहता और उसका ठिकाना गाजियाबाद में है. जानकारी लेने के बाद पुलिस टीम वापस लौट गई थी.
कपड़ों की दुकान पर करता था काम
मीडिया से बातचीत के दौरान आबिद ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि परिवार के लोगों ने असद को एक कपड़ों की दुकान पर काम पर लगवाया था. हालांकि, समय के साथ उसका परिवार से जुड़ाव कम होता चला गया. उन्होंने कहा कि असद की गतिविधियों के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं रहती थी और वह अपने कामकाज में व्यस्त रहता था.
'गलत संगत का परिणाम भुगतना पड़ा'
असद के चाचा ने कहा कि उनकी नजर में असद की संगति ठीक नहीं थी. उनका मानना है कि गलत लोगों के साथ रहने और गलत रास्ता अपनाने की वजह से उसे इसका नतीजा भुगतना पड़ा. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के कदम गलत दिशा में बढ़ते हैं तो उसका असर उसके जीवन पर पड़ता है. फिलहाल, असद की मुठभेड़ में मौत के बाद परिवार और रिश्तेदारों के बीच शोक का माहौल है, जबकि मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं जारी हैं.
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