अंकित बालियान हत्याकांड में जिन दो बदमाश मोहित और सुमित का हुआ एनकाउंटर उनकी फोटो आई सामने, दोनों ने रेकी कब की थी?

संतोष शर्मा

31 Aug 2026 (अपडेटेड: 31 Aug 2026, 09:31 AM)

उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले में यूपी एसटीएफ और पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस के मुताबिक हत्याकांड में शामिल चार शूटरों में से दो शूटर सुमित और मोहित को मुठभेड़ में मार गिराया गया है.

Ankit Balyan Murder Case

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Ankit Balyan Murder Case: उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले में यूपी एसटीएफ और पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस के मुताबिक हत्याकांड में शामिल चार शूटरों में से दो शूटर सुमित और मोहित को मुठभेड़ में मार गिराया गया है. दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उन्हें गोगी गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है. बता दें कैराना रोड स्थित इंडियन गैस गोदाम के पास पुलिस और दोनों के बीच मुठभेड़ हुई. पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी, जिसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस कार्रवाई में SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी घायल हुए हैं. जानकारी के मुताबिक पुलिस अब बाकी आरोपियों और इस हत्याकांड में मदद करने वाले लोगों की तलाश कर रही है.

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अब तक 6 लोगों की भूमिका सामने आई

पुलिस की अब तक की जांच में अंकित बालियान की हत्या से जुड़े कुल छह लोगों की भूमिका सामने आई है. इनमें चार शूटर शामिल हैं, जबकि दो अन्य लोगों पर रेकी और दूसरी तरह की मदद करने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, अंकित की हत्या को अंजाम देने के लिए चार शूटर शामली पहुंचे थे. इनमें से सुमित और मोहित मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं. पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्याकांड की साजिश किसने रची और इसमें मदद करने वाले लोगों की क्या भूमिका थी.
 

CCTV फुटेज से हुई चार शूटरों की पहचान

अंकित बालियान की हत्या के बाद यूपी पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. पुलिस के मुताबिक, फुटेज की मदद से चारों शूटरों की पहचान की गई. जांच में सामने आया कि गोली चलाने वाले आरोपी हरियाणा के हिसार और रोहतक के रहने वाले हैं. पुलिस के अनुसार, इनमें से एक आरोपी पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था, जबकि बाकी तीन के खिलाफ छोटे-मोटे अपराधों की जानकारी सामने आई थी. आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने उनके घरों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश दी. पूछताछ शुरू होने के बाद शूटरों ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और फरार हो गए.

 

WhatsApp हिस्ट्री भी खंगाली गई

आरोपियों के फरार होने के बाद यूपी एसटीएफ ने उनकी तलाश तेज कर दी. पुलिस ने अंकित बालियान की कॉल डिटेल और WhatsApp मैसेजिंग हिस्ट्री की भी जांच की. इसके जरिए पुलिस हत्याकांड से जुड़े लोगों और मददगारों तक पहुंचने की कोशिश करती रही. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी थी कि अंकित की गतिविधियों की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची और वारदात से पहले किस तरह उनकी रेकी की गई. जांच का फोकस हत्या की साजिश, शूटरों और उन्हें मदद देने वाले लोगों की भूमिका पर है.

8 पुलिस टीमें लगाई गई थीं

अंकित बालियान हत्याकांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मेरठ जोन के सात जिलों के पुलिस अधिकारियों की आठ टीमें लगाई गई थीं. पुलिस की टीमें हरियाणा और दिल्ली में लगातार दबिश दे रही थीं. इससे पहले मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने शामली पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे बैठक की थी. उन्होंने कहा था कि पुलिस आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल हथियारों के बेहद करीब पहुंच चुकी है. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश और तेज कर दी थी.

 20 अगस्त को हुई थी अंकित की रेकी

पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को अंकित बालियान की रेकी की गई थी. दो शूटर शामली पहुंचे थे और अंकित की हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे. दोनों शामली के सूर्या होटल में ठहरे थे. होटल में उन्होंने आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज जमा किए थे. पुलिस ने होटल की CCTV फुटेज खंगाली, जिससे जांच में अहम सुराग मिला. पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड में कुल चार शूटर शामिल थे. वारदात के बाद दो शूटर बाइक से करनाल की तरफ भागे, जबकि मोहित और सुमित बागपत की ओर फरार हुए.

हथियार और बाइक बरामद

पुलिस के मुताबिक मोहित और सुमित को ट्रैक करते हुए टीम कैराना रोड स्थित इंडियन गैस गोदाम के पास पहुंची, जहां दोनों से मुठभेड़ हुई. पुलिस का दावा है कि जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. दोनों 50-50 हजार रुपये के इनामी शूटर थे और गोगी गैंग से जुड़े बताए गए हैं. मुठभेड़ में SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी घायल हुए. मौके से दो पिस्टल, जिंदा और खोखा कारतूस, स्प्लेंडर बाइक, बैग, मोबाइल फोन और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए गए. अब पुलिस बाकी शूटरों और रेकी व मदद में शामिल बताए जा रहे दो अन्य लोगों की तलाश कर रही है.