मुरादाबाद के सर्किट हाउस परिसर में गाड़ी के पीछे पढ़ी नमाज, अब सपा नेता हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ हुई FIR

यूपी तक

• 03:58 PM • 07 Sep 2026

Haji Mohammad Usman FIR: मुरादाबाद सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद सपा नेता हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ FIR दर्ज हुई है. कार्रवाई को लेकर सपा नेताओं ने भेदभाव का आरोप लगाया है.

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Haji Mohammad Usman FIR: मुरादाबाद के सरकारी सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी और प्रशासनिक हलकों में बवाल मच गया है. समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान का अपनी गाड़ी के पीछे एकांत में नमाज अदा करते हुए एक वीडियो सामने आया था. इसके बाद लोक निर्माण विभाग की शिकायत पर पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. इस कार्रवाई के बाद सपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे भेदभावपूर्ण और इबादत के अधिकार के खिलाफ बताया है, जिससे सोशल मीडिया पर एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है.

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सर्किट हाउस में नमाज, एफआईआर दर्ज

यह मामला मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र का है, 3 सितंबर को विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सर्किट हाउस आए थे. इसी दौरान सपा के जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान भी वहां पहुंचे और उन्होंने परिसर की पार्किंग में अपनी गाड़ी के पीछे खड़े होकर नमाज पढ़ी. इसका वीडियो वायरल होने के बाद पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अनीत कुमार की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 285 और 292 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब वीडियो बनाने वाले और पूरी घटना की गहनता से जांच कर रही है.

सपा नेता ने इसे साजिश बताया

खुद पर मुकदमा दर्ज होने के बाद हाजी मोहम्मद उस्मान ने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह वीडियो कब का और किन हालात का है, इसकी सत्यता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि शैक्षिक और निर्माण कार्यों से पहले सरस्वती वंदना और भूमि पूजन होता है, तो एकांत में नमाज पढ़ने पर हंगामा क्यों हो रहा है. सपा नेता ने इसे सीधे तौर पर भेदभाव का मामला बताते हुए कहा कि उन्होंने किसी का रास्ता नहीं रोका था, इसलिए प्रशासन को यह मुकदमा तुरंत रद्द करना चाहिए.

इबादत करने पर उठे कई सवाल

इस विवाद में सपा नेता एसटी हसन ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि किसी भी इंसान का एकांत में पूजा या इबादत करना कोई गुनाह नहीं है. उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले लोग ट्रेनों में एक-दूसरे की प्रार्थना का सम्मान करते थे, लेकिन अब सिर्फ हिंदू-मुसलमान किया जा रहा है. हाजी मोहम्मद उस्मान बिलारी से सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम के चाचा हैं, इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले इस घटना ने इलाके में एक बड़ी सियासी चर्चा को जन्म दे दिया है.