UP Police Recruitment: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के फिजिकल टेस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान कानपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आगरा के रहने वाले दो जुड़वा भाइयों ने पुलिस भर्ती बोर्ड को धोखा देने की बड़ी साजिश रची थी. लिखित परीक्षा पास करने वाले छोटे भाई की हाइट कम निकली, तो उसने दोबारा जांच के लिए अपने लंबे जुड़वा बड़े भाई को भेज दिया. हालांकि, अधिकारियों की सतर्कता और बायोमेट्रिक जांच ने उनके इस खेल का पर्दाफाश कर दिया और अब दोनों भाइयों को जेल भेज दिया गया है.
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लंबाई कम होने पर दोबारा जांच
29 अगस्त को आगरा के रहने वाले भूपेंद्र कानपुर सेंटर पर शारीरिक मानक परीक्षण के लिए पहुंचे थे. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद जब उनका फिजिकल टेस्ट हुआ, तो भूपेंद्र की लंबाई 166.4 सेंटीमीटर और छाती 79 सेंटीमीटर पाई गई. मानक से लंबाई कम होने के कारण अधिकारियों ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया. नियमों के तहत अगर कोई अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं है तो वह अपील कर सकता है, इसी का फायदा उठाते हुए भूपेंद्र ने दोबारा मेडिकल टेस्ट कराने के लिए अर्जी डाल दी.
बड़े भाई ने ली उसकी जगह
इन दोनों भाइयों ने पहले से ही यह योजना बना रखी थी. कोतवाली इंचार्ज अरुण कुमार द्विवेदी के मुताबिक, जब भूपेंद्र लंबाई में कम पाया गया, तो वह अपना सामान लेकर सेंटर से बाहर आ गया. कुछ देर बाद उसका बड़ा जुड़वा भाई भूपेश वही सामान लेकर वापस सेंटर पहुंचा और दोबारा जांच की मांग की. जब भूपेश की लंबाई नापी गई, तो वह 169.6 सेंटीमीटर निकली. कुछ ही समय में लंबाई 3.2 सेंटीमीटर बढ़ जाने पर वहां मौजूद डॉक्टरों और अधिकारियों को तुरंत शक हो गया.
फिंगरप्रिंट और रेटिना ने खोला राज
इतना बड़ा अंतर देखकर अधिकारियों ने तुरंत फोटो का मिलान किया. जुड़वा होने के कारण फोटो तो मैच कर गई, लेकिन जब बायोमेट्रिक टेस्ट (रेटिना और फिंगरप्रिंट) किया गया तो सारी सच्चाई सामने आ गई. जांच में साबित हो गया कि फिजिकल टेस्ट देने आया व्यक्ति वह नहीं है जिसने लिखित परीक्षा दी थी. सख्ती से पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने भूपेंद्र और भूपेश दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उन पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. बता दें कि यह सिपाही भर्ती 32,679 पदों के लिए हो रही है, जिसके फिजिकल टेस्ट लगातार जारी हैं.
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