कौन था 50000 का इनामी आशू उर्फ मोंटी चड्ढा जो एनकाउंटर में मारा गया, उसके बदमाश बनने की असली कहानी आई सामने

Story of Monty Chadha: मुरादाबाद में 50 हजार का इनामी कुख्यात बदमाश मोंटी चड्ढा पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गया है. उधम सिंह गैंग का यह शार्प शूटर हत्या और 5 करोड़ की रंगदारी जैसे संगीन मामलों में वांछित था.

Monty Chaddha encounter

जगत गौतम

02 Apr 2026 (अपडेटेड: 02 Apr 2026, 12:03 PM)

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Story of Monty Chadha: यूपी के मुरादाबाद जिले में कुख्यात बदमाश आशू उर्फ मोंटी चड्ढा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है. मोंटी चढ्ढा 50 हजार का इनामी बदमाश था जिसके ऊपर हत्या और रंगदारी जैसे कई गंभीर आरोप थे. हाल ही में मोंटी ने वजीरचंद एक्सपोर्ट फर्म के मालिक और इंपोर्टर अरशू ढल से 5 करोड़ की रंगदारी की मांग की थी. इसके अगले ही दिन बाइक सवार बदमाशों ने फर्म के गेट पर पहुंचकर फायरिंग कर दी जिससे इलाके में दहशत फैल गई. बस यहीं से मोंटी चढ्ढा के आखिरी दिन शुरू हो गए थे. पुलिस चप्पे-चप्पे पर मोंटी चढ्ढा की तलाश करने लगी थी और बुधवार देर रात पुलिस ने उसे आखिरकार मार गिराया.

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कौन था आशू उर्फ मोंटी चढ्ढा

आशू उर्फ मोंटी चड्ढा कुख्यात उधम सिंह गैंग का  शार्प शूटर रहा है. मोंटी चड्ढा हापुड़ जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के मीरापुर गांव का रहने वाला था. कम उम्र में ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था. साल 2010 में उसने अपने ही गांव के एक व्यक्ति पप्पू की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी थी. इस सनसनीखेज वारदात के बाद मृतक की पत्नी ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और करीब एक साल बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई.

जेल में ही बना सबसे बड़ा अपराधी

जेल ही आशू के लिए अपराध की बड़ी दुनिया का दरवाजा बनी. जेल में रहते हुए उसका संपर्क कुख्यात उधम सिंह गैंग से हुआ.इसके बाद जब वह 2012 में पेरोल पर बाहर आया तो सीधे इस गैंग में शामिल हो गया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. गैंग में शामिल होने के बाद आशू ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर में अपना खौफ कायम कर लिया. मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद जैसे जिलों में वह रंगदारी, फिरौती, सुपारी लेकर हत्या और बड़ी लूट की वारदातों को अंजाम देता रहा.

साल 2014 में मेरठ के सरधना और सरूरपुर थाना क्षेत्रों में हुई गैंगवार की दो हत्याओं में उसका नाम सामने आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया. लेकिन जेल से बाहर आते ही वह फिर अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया. इसके बाद 2016 में गाजियाबाद के कविनगर और इंद्रापुरम इलाके में लूट और चोरी के मामलों में भी उसकी गिरफ्तारी हुई.

मोंटी का नाम सुनते ही खौफ खाते थे लोग

साल 2017 में हत्या के प्रयास के एक मामले में भी वह वांछित रहा. धीरे-धीरे वह उधम सिंह गैंग का भरोसेमंद शार्प शूटर बन गया जो रंगदारी न मिलने पर सीधे हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने से भी नहीं हिचकता था.इसी कड़ी में उसने मुरादाबाद के बड़े कारोबारियों को निशाना बनाने की साजिश रची. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शहर के नामचीन निर्यातक अरशू ढल का मोबाइल नंबर हासिल किया और व्हाट्सएप के जरिए 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगनी शुरू कर दी.

पुलिस के मुताबिक, आशू उर्फ मोंटी चड्ढा का नाम सुनते ही कारोबारी दहशत में आ जाते थे.क्योंकि वह अपने इरादों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था. यही वजह थी कि उसका खौफ पूरे वेस्ट यूपी और एनसीआर में फैला हुआ था. फिलहाल पुलिस इस गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई जारी है.अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.