उत्तर प्रदेश, फर्जी बिलिंग से करोड़ों की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़, एसआईटी ने दो आरोपियों को दबोचा; मास्टरमाइंड की तलाश जारी

Moradabad GST Fraud Case: एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी फर्मों और कागजी लेनदेन के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ दिलाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा था. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

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Newzo

• 03:36 PM • 11 Jun 2026

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Moradabad GST Fraud Case: मुरादाबाद पुलिस की एसआईटी ने फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि आरोपी बिना किसी वास्तविक व्यापारिक गतिविधि के फर्जी बिल जारी कर विभिन्न फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अवैध लाभ दिला रहे थे.

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पुलिस के अनुसार थाना मझोला में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान सामने आया कि एम/एस नेशनल ट्रेडर्स नामक फर्म का इस्तेमाल केवल कागजी लेनदेन दिखाने और फर्जी खरीद-बिक्री के आधार पर जीएसटी चोरी करने के लिए किया जा रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद फैसल उर्फ मोंटू (38 वर्ष) निवासी किसरौल, थाना नागफनी, मुरादाबाद तथा शाहनवाज (44 वर्ष) निवासी लक्सर वाली गली, खैरनगर, थाना देहली गेट, मेरठ के रूप में हुई है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोहम्मद फैसल ने अपने परिचित शाहनवाज के कहने पर नेशनल ट्रेडर्स के नाम से फर्म संचालित की थी. शाहनवाज ने उसे ऐसे लोगों से जोड़ा, जो केवल कागजी बिलों के माध्यम से जीएसटी धोखाधड़ी का नेटवर्क चला रहे थे.

आरोपियों ने विभिन्न फर्मों के नाम पर फर्जी बिल जारी कर आईटीसी का लाभ दिलाया और बदले में कमीशन हासिल किया. जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि इस नेटवर्क के तार मुरादाबाद की कई व्यापारिक फर्मों से जुड़े हो सकते हैं. पुलिस अब उन फर्मों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है, जिनके माध्यम से फर्जी खरीद-बिक्री दर्शाकर कर चोरी की गई.कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं. दोनों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.

एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गिरोह का कथित मास्टरमाइंड ईशान मलिक अभी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं. उन्होंने कहा कि यह गिरोह संगठित तरीके से करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने में शामिल था और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा.