Meerut Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. बहसूमा थाना क्षेत्र के फिरोजपुर सैफपुर गांव में 7 वर्षीय मासूम अंगद की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि बच्चे की हत्या के पीछे अवैध संबंधों का एंगल हो सकता है. आरोप है कि बच्चे की मां के प्रेमी ने ही उसे रास्ते से हटाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है.
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दादा-दादी के साथ रहता था मासूम अंगद
जानकारी के अनुसार, 7 वर्षीय अंगद अपने दादा-दादी के साथ मेरठ में रह रहा था, जबकि उसकी मां गुरमीत कौर हापुड़ में किराए के मकान में रहती थी. बताया जा रहा है कि गुरमीत कौर और उसके पति के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. करीब एक वर्ष पहले दोनों अलग हो गए थे और बाद में उसका पति गुरुसेवक रोजगार के सिलसिले में दुबई चला गया था.
परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच तनाव की एक वजह महिला के कथित अवैध संबंध भी थे. इसी विवाद के चलते परिवार बिखर गया और बच्चा अपने दादा-दादी के पास रहने लगा.
स्कूल में हुई थी प्रेमी से मुलाकात
बताया जा रहा है कि करीब तीन वर्ष पहले गुरमीत कौर एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी. वहीं उसकी मुलाकात स्कूल में क्लर्क के पद पर कार्यरत अर्पित शर्मा से हुई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं.
जब इस संबंध की जानकारी महिला के पति को हुई तो उसने गुरमीत की नौकरी छुड़वा दी. इसके बाद परिवार में लगातार विवाद बढ़ने लगे. हालांकि कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए और जीवन अपनी-अपनी दिशा में आगे बढ़ने लगा. इस दौरान अर्पित शर्मा की भी शादी हो गई और वह एक निजी बैंक में नौकरी करने लगा.
दोबारा संपर्क में आए और शुरू हुई नई कहानी
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ समय पहले गुरमीत कौर और अर्पित शर्मा फिर से संपर्क में आए. दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और रिश्ते दोबारा गहरे हो गए. जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी दौर में घटनाओं की वह श्रृंखला शुरू हुई, जिसने अंततः एक मासूम की जान ले ली.
खेलते समय बच्चे को ले गया आरोपी
घटना 16 जून की बताई जा रही है. उस दिन अंगद अपने घर के बाहर खेल रहा था. संयोग से उसी दिन उसकी मां भी उससे मिलने आई हुई थी. आरोप है कि इसी दौरान अर्पित शर्मा ने बच्चे को बहला-फुसलाकर अपनी कार में बैठाया और अपने साथ ले गया. जब काफी देर तक अंगद घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई. उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और बच्चे की तलाश शुरू की गई.
CCTV और सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच शुरू की. जांच के दौरान कुछ फुटेज में अंगद को आरोपी की कार में बैठते हुए देखा गया. इसके बाद पुलिस ने अर्पित शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.
शुरुआत में आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा. उसने दावा किया कि बच्चे को गंगनहर में फेंक दिया गया है. उसके बयान के आधार पर पीएसी और गोताखोरों की टीम ने घंटों तक नहर में तलाश अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली.
सख्ती के बाद टूटा आरोपी, खेत से मिला शव
पुलिस की सख्त पूछताछ के बाद आरोपी का बयान बदल गया और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया. इसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नहर किनारे स्थित एक खेत से मासूम अंगद का शव बरामद किया.
घटना स्थल पर फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए. पुलिस अब वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है.
पुलिस का बयान और जांच की दिशा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के कई पहलुओं की जांच अभी जारी है. अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में अपहरण की कुछ बातें स्पष्ट रूप से प्रमाणित नहीं हुई हैं और आरोपी के मोबाइल फोन समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मां की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस सनसनीखेज हत्याकांड में मृतक बच्चे की मां गुरमीत कौर की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों में उसकी क्या भूमिका रही. हालांकि अब तक पुलिस ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही हैं.
अवैध संबंधों के एंगल ने खड़े किए कई सवाल
पुलिस जांच और सामने आई जानकारियों के अनुसार, आरोपी को यह लगने लगा था कि मासूम अंगद उसके और गुरमीत कौर के रिश्ते के बीच बाधा बन रहा है. इसी वजह से उसने कथित तौर पर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया. हालांकि इस पूरे मामले में अंतिम सच्चाई पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.
फिलहाल, 7 साल के मासूम की दर्दनाक मौत ने पूरे मेरठ को स्तब्ध कर दिया है. एक मासूम की हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि समाज के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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