उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पुलिस महकमे और अनुशासन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों को आड़े हाथों लेते हुए कड़ा संदेश दिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने दोटूक कहा कि ऑन-ड्यूटी रील बनाना पूरी तरह अनुशासनहीनता है. उन्होंने नवनियुक्त कर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ कार्यस्थल पर गरिमा और जिम्मेदारी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है.
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लोक भवन में 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को मिले नियुक्ति पत्र
लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे. सीएम योगी ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी और उन्हें सेवा भावना, अनुशासन और पूरी ईमानदारी के साथ काम करने का मंत्र दिया. सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में तकनीकी रूप से सक्षम कंप्यूटर ऑपरेटरों के आने से यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली और डिजिटल व्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी.
रील बनाना अनुशासनहीनता-सीएम योगी
इसी कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में लगातार बढ़ रहे 'रील कल्चर' पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की. उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि का हवाला देते हुए सीएम योगी ने कहा 'हम लोग अक्सर देखते हैं कि ड्यूटी के दौरान बहुत सारे लोग सोशल मीडिया पर रील बनाते रहते हैं. यह पूरी तरह से अनुशासनहीनता का हिस्सा है. उस समय (ड्यूटी के वक्त) हमें अपने काम के प्रति सजग और वफादार होना होगा, ना कि रील बनाने में मशगूल होना होगा.'
"अनावश्यक हंसी का पात्र न बनें, लोग सिस्टम पर उंगली उठाते हैं"
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को अपनी वर्दी और पद की मर्यादा याद दिलाते हुए कहा कि जिस कार्य के लिए आपको तैनात किया गया है, उसके प्रति उतनी ही सतर्कता और गंभीरता होनी चाहिए. तभी वह गरिमापूर्ण तरीके से सही परिणाम दे पाएगा.
सीएम योगी ने आगे सचेत करते हुए कहा 'हमें कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जो अनावश्यक रूप से हमें हंसी का पात्र बनाए. इससे कुछ लोगों को पूरे सिस्टम पर उंगली उठाने का मौका मिल जाता है. जो लोग खुद अपने आप कुछ नहीं कर सकते वे व्यवस्था पर सवाल खड़े करने लगते हैं. भाई जो व्यक्ति जिसकी जहां ड्यूटी है, वह अगर वहां पूरी निष्ठा से कार्य करेगा तो परिणाम अपने आप सामने आएगा.'
इस कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं में भारी उत्साह देखने को मिला. हालांकि, युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ सरकार की ओर से यह साफ और कड़ा संदेश भी दे दिया गया है कि आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी जगह है. लेकिन कार्यस्थल पर अनुशासन और जिम्मेदारी को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
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