मेरठ में कांवड़ियों ने पुलिस जीप को घेरकर दो लोगों को बाहर निकाला, फिर जमकर पीटा, अब पुलिस ने बताई पूरी सच्चाई!

उस्मान चौधरी

04 Aug 2026 (अपडेटेड: 04 Aug 2026, 08:59 AM)

मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान दो लोगों की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है. वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोग पुलिस की जीप के पास दिखाई दे रहे हैं और जीप के अंदर मौजूद दो लोगों को बाहर निकालकर उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट करते नजर आ रहे हैं.

Meerut Kanwariye Fight News

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Meerut Kanwariye Fight News: मेरठ में कांवड़ यात्रा के दौरान दो लोगों की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में है. वायरल वीडियो में बड़ी संख्या में लोग पुलिस की जीप के पास दिखाई दे रहे हैं और जीप के अंदर मौजूद दो लोगों को बाहर निकालकर उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट करते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि भीड़ ने सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मियों को पीटा. हालांकि, मेरठ पुलिस ने इस दावे को गलत बताया है. पुलिस के अनुसार यह मामला दो कांवड़ियों के बीच मोटरसाइकिल की टक्कर के बाद हुए विवाद का है, जिसे मौके पर पहुंची पुलिस ने शांत करा दिया था.

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पुलिस जीप से बाहर निकालकर हुई मारपीट

बताया जा रहा है कि घटना मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून हाईवे (एनएच-58) पर हुई. वायरल वीडियो में पुलिस की जीप के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई देती है. इसी दौरान कुछ लोग जीप के अंदर मौजूद दो लोगों को बाहर खींचते हैं और उनके साथ मारपीट शुरू कर देते हैं. वीडियो में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी नजर आता है, जो भीड़ को रोकने की कोशिश करता दिख रहा है. मारपीट में दोनों युवकों के कपड़े फटे हुए दिखाई देते हैं. घटना के वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जाने लगे.

खेत में भी दौड़ाकर पीटने का दावा

वीडियो के दूसरे हिस्से में मारपीट से बचने के लिए एक व्यक्ति खेतों की तरफ भागता दिखाई देता है. उसके पीछे कुछ लोग भी दौड़ते हैं और खेत में भी उसके साथ डंडों से मारपीट करते नजर आते हैं. वीडियो में पिटाई का शिकार व्यक्ति फोन पर किसी को बुलाते हुए कहता सुनाई देता है, 'साहब जल्दी आ जाओ, हम मर जाएंगे.' इसके जवाब में भीड़ की ओर से 'बुला ले, तू तो मरेगा ही' जैसी बात कही जाती सुनाई देती है. वीडियो वायरल होने के बाद घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.

पुलिसकर्मियों की पिटाई का दावा

वीडियो वायरल होने के बाद कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि जिन दो लोगों की पिटाई की गई, वे सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मी थे. कुछ पोस्ट में घटना को लेकर और भी गंभीर दावे किए गए. हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मेरठ पुलिस ने साफ किया है कि वायरल वीडियो को पुलिसकर्मियों से मारपीट की घटना बताना सही नहीं है. पुलिस के मुताबिक वीडियो में नजर आ रहे दोनों लोग कांवड़िए हैं और विवाद की शुरुआत सड़क पर हुई टक्कर के बाद हुई थी.

दो कांवड़ियों की टक्कर के बाद बिगड़ा मामला

मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने घटना को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 2 और 3 अगस्त की रात का है. उनके अनुसार, एक कांवड़िया मोटरसाइकिल से गंगाजल लेने के लिए जा रहा था, जबकि दूसरा कांवड़िया हरिद्वार से जल लेकर वापस लौट रहा था. इसी दौरान दोनों की मोटरसाइकिल आपस में टकरा गई. टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया. सूचना मिलने पर दौराला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.

थाने ले जाकर कराया गया मेडिकल

एसपी सिटी के मुताबिक, पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर आई थी. वहां दोनों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया. इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया और उन्हें उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया. पुलिस का कहना है कि इस घटना में किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत या तहरीर नहीं दी गई. इसी वजह से मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे पुलिसकर्मियों से मारपीट के दावे सही नहीं हैं.

पुलिस ने अफवाहों से बचने की अपील की

मेरठ पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद मौके पर कानून-व्यवस्था सामान्य है. कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिले में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने कहा कि 'वायरल वीडियो को लेकर भ्रामक बातें फैल रही हैं. प्रथम दृष्टया यह दो कांवड़ियों के बीच हुए विवाद का मामला है. पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की बात सही नहीं है.' पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो या किसी भी संदेश को बिना पुष्टि किए आगे न बढ़ाएं. अधिकारियों का कहना है कि भ्रामक जानकारी फैलाने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.