SP MLA Atul Pradhan against Police: मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव में भयंकर बवाल मचा हुआ है. यहां दलित परिवार की लड़की के किडनैपिंग और मां की हत्या के आरोप के बाद लोगों में भयंकर गुस्सा है. सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारे तक कोहराम मचा हुआ है. न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है. इसी बीच सपा विधायक अतुल प्रधान और पुलिस के बीच हुई तीखी भिड़ंत ने मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है. सपा विधायक ने गांव में पंचायत कर प्रशासन को 48 घंटे की मोहलत दी है जिसके बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है.
ADVERTISEMENT
लड़की की मां की मौत के बाद बवाल
दलित लड़की की किडनैपिंग और मां की हत्या के बाद से कपसाड़ गांव छावनी में तब्दील है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि पारस राजपूत और उसके साथियों ने लड़की का अपहरण किया और विरोध करने पर मां की हत्या कर दी. आक्रोशित ग्रामीणों और सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों पर चूड़ियां उछालीं और जमकर नारेबाजी की. महिलाओं का साफ कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
यहां देखें पूरी वीडियो रिपोर्ट
सपा विधायक ने कर दी ये मांग
सुबह जब सपा विधायक अतुल प्रधान पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस दौरान भारी हंगामा हुआ और विधायक की पुलिस अधिकारियों के साथ जबरदस्त गरमा गरमी हुई. काफी जद्दोजहद के बाद विधायक गांव के अंदर पहुंचे और वहां एक बड़ी पंचायत बुलाई. पंचायत के बाद अतुल प्रधान ने मीडिया से बात करते हुए प्रशासन को सीधे तौर पर चुनौती दी. उन्होंने कहा कि पुलिस के पास मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए अब सिर्फ 24 से 48 घंटे का समय है. सरकार से पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी की मांग की गई है. विधायक ने अपनी तरफ से 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया.
अतुल प्रधान ने बताया कि इस मामले में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव खुद पीड़ित परिवार से बात करेंगे और पार्टी की ओर से अलग से मदद भेजी जाएगी. विधायक ने कहा कि यह एक भूमिहीन और गरीब परिवार है जिस पर दुखों का पहाड़ टूटा है. उन्होंने हर जाति और वर्ग के लोगों से अपील की कि वे इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हों और सक्षम लोग आर्थिक मदद सुनिश्चित करें. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस के दम पर तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी.
गांव के पारस ने अपने साथियों संग किया था हमला
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत पर जा रही थी. आरोप है कि तभी गांव का ही रहने वाला पारस अपने साथियों के साथ वहां आ धमका. आरोपियों ने हथियारों के बल पर अनुसूचित जाति की उस लड़की को किडनैप कर लिया. जब मां ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की और बदमाशों का विरोध किया तो उन पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया गया. मां को लहूलुहान हालत में छोड़कर आरोपी लड़की को लेकर फरार हो गए. वहीं लड़की की मां की इलाज के दौरान मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही गांव में तनाव का माहौल है.
ये भी पढ़ें: अंकित की कॉफी पीते ही हुई बेहोश, होश आया तो शरीर पर नहीं था कपड़ा! विधवा के साथ मकान मालिक ने ये क्या किया
ADVERTISEMENT









