मेरठ के पॉश इलाके शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार की सुबह गाड़ियों के सायरन और बुलडोजर की गड़गड़ाहट के साथ हुई. सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद आवास एवं विकास परिषद की टीम भारी पुलिस बल और पीएसी के जवानों को लेकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने मैदान में उतर पड़ी.सेंट्रल मार्केट से लेकर सेक्टर-6 तक के पूरे इलाके को बैरिकेडिंग करके सील कर दिया गया है.अचानक हुए इस बड़े एक्शन से व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया है. जबकि विरोध की आशंका को देखते हुए खुफिया एजेंसियां (LIU) भी मौके पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.
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15 दिन की मोहलत खत्म, अब चला बुलडोजर
यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के बीते 14 जुलाई के आदेश के अनुपालन में की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे 44 चिन्हित और सील किए गए परिसरों के खिलाफ ध्वस्तीकरण का स्पष्ट निर्देश दिया था. संबंधित भवन स्वामियों को अवैध निर्माण खुद हटाने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी गई थी. तय समय सीमा में कब्जा न हटने पर अब आवास एवं विकास परिषद खुद बुलडोजर चलाकर इन अवैध ढांचों को जमींदोज कर रहा है.
छावनी में तब्दील हुई मार्केट
कार्रवाई को अंजाम देने के लिए बुधवार तड़के से ही प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए.सेंट्रल मार्केट की ओर आने-जाने वाले तमाम प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर आम आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई. परिषद की टीम ने 5 मुख्य चिन्हित अवैध निर्माणों में से 3 को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है जबकि 2 अन्य परिसरों पर बुलडोजर की कार्रवाई लगातार जारी है.
21 सितंबर की डेडलाइन को लेकर हरकत में प्रशासन
प्रशासन की इस तेज कार्रवाई के पीछे सुप्रीम कोर्ट की सख्त समय सीमा है. मामले में 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल की जानी है. कोर्ट में जवाबदेही तय होने के कारण ही आवास एवं विकास परिषद और जिला प्रशासन बिना किसी ढिलाई के तेजी से कार्रवाई निपटाने में जुटा है.
मौके पर बढ़ा तनाव
बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होते ही सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में लोग कार्रवाई का विरोध करने के लिए सड़कों पर जुटने लगे हैं. पहले भी इस क्षेत्र में ध्वस्तीकरण के खिलाफ भारी विरोध और धरना-प्रदर्शन देखने को मिल चुका है. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और एलआईयू (LIU) की टीमें हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े.
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