Mathura Farmers Protest: भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले जिले के किसानों ने सोमवार को अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की.
ADVERTISEMENT
किसान नेताओं ने कहा कि खेती की बढ़ती लागत, प्रशासनिक जटिलताओं और कृषि संबंधी समस्याओं के कारण किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. ज्ञापन में अंश निर्धारण के लंबित मामलों के निस्तारण, भूमि विवादों, खतौनी संशोधन एवं पैमाइश संबंधी प्रकरणों के त्वरित समाधान की मांग उठाई गई. साथ ही किसानों ने फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने की भी मांग की.
किसानों ने डीएपी, यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी एवं ओवररेटिंग पर रोक लगाने तथा नकली बीज और कीटनाशकों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. खराब मक्का बीजों से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और बीज वितरण व्यवस्था की जांच कराने की भी मांग रखी गई.
सिंचाई और बिजली व्यवस्था को लेकर किसानों ने धान रोपाई के समय नलकूपों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार 10 घंटे बिजली आपूर्ति देने की मांग की. इसके अलावा नहरों और रजवाहों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने तथा आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग भी की गई.
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष सोनवीर चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर किसान यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल पर चक्का जाम करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.
ADVERTISEMENT










