लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र में बुधवार रात आग के तांडव ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया. इलाके की झुग्गी-बस्तियों में लगी इस भीषण आग में 200 से अधिक आशियाने जलकर राख हो गए. आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते पूरा इलाका मलबे के ढेर में तब्दील हो गया और दशकों की मेहनत से जोड़ी गई गृहस्थी मिनटों में स्वाहा हो गई.
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विवाद और सिलेंडर धमाकों ने बढ़ाई आग
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने की शुरुआत पास के एक शराब के ठेके से हुई. बताया जा रहा है कि वहां किसी बात को लेकर हुई लड़ाई और हंगामे के बाद आग भड़की, जिसने धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर लिया. स्थिति तब और भयावह हो गई जब झुग्गियों में रखे गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे. धमाकों की गूंज और आग की तेज रफ्तार के कारण लोगों को सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला.
बड़ी जनहानि टली, पर सब कुछ हुआ खाक
हादसे के वक्त कई लोग काम पर थे और बच्चे सो रहे थे, लेकिन आग की आहट मिलते ही लोग जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे. समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने की वजह से एक बड़ी जनहानि तो टल गई, लेकिन प्रभावित परिवारों के पास अब सिर छिपाने के लिए छत और तन ढकने के लिए कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा है. वर्षों से यहां रह रहे लोग आज अपने आशियाने के अवशेषों को देखकर हताश हैं.
प्रशासनिक राहत कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और राहत एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं. फिलहाल प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है. बेघर हुए परिवारों के लिए खाने-पीने और रहने की तात्कालिक व्यवस्था की जा रही है. पुलिस आग के सटीक कारणों और ठेके पर हुए कथित विवाद की भी गहराई से जांच कर रही है.
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