CBSE 10th Result: गांव में नहीं था स्कूल, मां के साथ आई शहर और ला दिए 98%... जान्हवी की कहानी रुला देगी

गोंडा के नारायणपुर माफी गांव की जान्हवी ने सीबीएसई 10वीं में 98% अंक हासिल किए हैं. गांव में सुविधाओं की कमी के बावजूद जान्हवी ने शहर में रहकर पढ़ाई की और अब वह डॉक्टर बनकर अपने गांव की सेवा करना चाहती हैं.

यूपी तक

• 03:50 PM • 16 Apr 2026

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हौसलों की उड़ान अगर ऊंची हो, तो संसाधनों की कमी कभी रास्ता नहीं रोक सकती. इसे सच कर दिखाया है गोंडा के एक छोटे से गांव की बेटी जान्हवी ने. सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98% अंक हासिल कर जान्हवी ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. विशेष रूप से जानवी ने विज्ञान में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है.

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गांव में स्कूल नहीं था, तो शहर में लिया किराए का कमरा

जान्हवी गोंडा के खरगूपुर क्षेत्र के नारायणपुर माफी गांव की रहने वाली हैं. उनके गांव में केवल कक्षा 8 तक ही स्कूल था. आगे की पढ़ाई के लिए जानवी को हर दिन 4 घंटे आने-जाने में बिताने पड़ते थे. बेटी की लगन को देखते हुए उनकी मां सपना तिवारी ने एक बड़ा फैसला लिया. वे अपने सास-ससुर को गांव में छोड़कर जान्हवी और उसके छोटे भाई को लेकर गोंडा शहर आ गईं और वहां एक किराए के कमरे में रहकर बच्चों को पढ़ाने लगीं.

गांव की पहली डॉक्टर बनने का है सपना

जान्हवी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग को दिया है. वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं. जान्हवी कहती हैं,"मेरे गांव में कोई डॉक्टर नहीं है. बचपन से मैंने देखा है कि बीमार होने पर गांव वालों को इलाज के लिए बहुत भटकना पड़ता है. मैं डॉक्टर बनकर अपने गांव में एक अस्पताल खोलना चाहती हूं ताकि किसी को इलाज के अभाव में परेशान न होना पड़े."

पिता गोवा में रहकर करते हैं मेहनत

जान्हवी के पिता गोवा में एमटी (MT) के पद पर कार्यरत हैं और वहीं रहकर परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करते हैं. घर पर मां सपना तिवारी बच्चों की पढ़ाई का पूरा ख्याल रखती हैं. वे जान्हवी से घर का कोई काम नहीं करवातीं ताकि उसका पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहे. जान्हवी की मां का कहना है कि वे अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के सपने को हर हाल में पूरा करेंगी.

छात्रों के लिए संदेश: सुविधाओं से ज्यादा मेहनत जरूरी

अपनी उम्मीद (93-94%) से कहीं ज्यादा अंक (98%) पाकर जानवी बेहद खुश हैं. उन्होंने अन्य छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता के लिए केवल सुख-सुविधाएं ही काफी नहीं होतीं. अगर आपके पास पक्का इरादा और कड़ी मेहनत करने का जज्बा है, तो आप अभावों के बीच भी अपने सपनों को हकीकत में बदल सकते हैं.