नोएडा में कम वेतन को लेकर छिड़ा मजदूरों का प्रदर्शन अब सियासी गलियारों में गूँज रहा है. 13 अप्रैल को हुए हिंसक बवाल के बाद अब इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि मौजूदा वेतन में किसी मजदूर का गुजारा होना नामुमकिन है और उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है.
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नोएडा की मौजूदा स्थिति: हिंसा के बाद अब शांति
नोएडा में पिछले कुछ दिनों से जारी प्रदर्शन ने 13 अप्रैल को हिंसक रूप ले लिया था, जहाँ आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव की खबरें आई थीं. इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्किल्ड और अनस्किल्ड लेबर्स की सैलरी बढ़ाने का आदेश जारी किया. हालांकि, 14 अप्रैल को मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनियों ने उन्हें इस बढ़ोतरी की जानकारी नहीं दी, जिससे फेज-2 जैसे इलाकों में फिर तनाव देखा गया. लेकिन आज, यानी 15 अप्रैल को नोएडा में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से काम पर लौट रहे हैं और फैक्ट्रियों के बाहर वेतन वृद्धि के नोटिस लगा दिए गए हैं.
बृजभूषण शरण सिंह का तीखा वार: 'मजबूरी का फायदा उठा रहे लोग'
गोंडा में जब मीडिया ने नोएडा प्रोटेस्ट पर सवाल किया, तो बृजभूषण शरण सिंह ने मजदूरों का पक्ष लेते हुए कहा, "मजदूरों की मजदूरी बहुत कम है. वे गांव छोड़कर शहर आते हैं, जहाँ 10-11 हजार रुपये में से 4 हजार कमरे का किराया और इतना ही खाने में निकल जाता है. बीमार होने पर उनके पास कुछ नहीं बचता. 12,000 रुपये कोई सम्मानजनक मजदूरी नहीं है, इसमें आदमी जी नहीं सकता. ऐसा लगता है जैसे उनकी मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है."
जब उनसे पूछा गया कि इसके पीछे किन संगठनों का हाथ है, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते, लेकिन इतना तय है कि वेतन बढ़ना चाहिए.
बेटी के चुनाव लड़ने की खबरों को किया खारिज
इसी बातचीत के दौरान जब उनसे उनकी बेटी शालिनी सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर सवाल हुआ, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया. बृजभूषण ने कहा कि यह सब मीडिया की उपज है और ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है. हालांकि, इससे पहले शालिनी सिंह ने खुद एक इंटरव्यू में राजनीति में आने के संकेत दिए थे, लेकिन पूर्व सांसद ने फिलहाल इन कयासों पर विराम लगा दिया है.
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