उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी ही सरकार की पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मामला एक बीजेपी बूथ अध्यक्ष, अभिषेक सिंह के कथित 'फर्जी एनकाउंटर' से जुड़ा है. एमएलसी ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सुनियोजित अपराध करार दिया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दोषियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
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हाथ-पैर बांधकर प्रताड़ित करने का आरोप
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह का आरोप है कि पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ता अभिषेक सिंह के घर में जबरन घुसकर उन्हें हिरासत में लिया. आरोप के मुताबिक, पुलिस ने उनके हाथ-पैर बांध दिए और अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उन्हें शारीरिक रूप से गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिसे बाद में एनकाउंटर का रूप देने की कोशिश की गई. एमएलसी ने इस पूरी घटना को पुलिस की कार्यशैली पर काला धब्बा बताया है.
न्यायपालिका और गृह मंत्रालय तक पहुंचा मामला
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए देवेंद्र प्रताप सिंह ने केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी पुलिसकर्मी इस 'फर्जी' कार्रवाई में शामिल हैं, उन पर हत्या के प्रयास (धारा 307) के तहत मुकदमा चलाया जाए.
अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर रहते हैं देवेंद्र प्रताप
यह पहली बार नहीं है जब एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशासनिक अमले या पुलिस पर सवाल उठाए हों. वे शिक्षक भर्ती विवाद, ड्यूटी से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक खामियों पर अक्सर अपनी ही सरकार को घेरते रहे हैं. उनकी छवि एक ऐसे नेता की है जो जनता और कार्यकर्ताओं के मुद्दों पर किसी भी दबाव में आए बिना अपनी बात रखते हैं. फिलहाल, बीजेपी कार्यकर्ता के साथ हुई इस घटना ने प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है.
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