UP की तर्ज पर बंगाल में होगा विकास? राजनीतिक हिंसा और दंगों के खिलाफ भाजपा ने कसी कमर

पश्चिम बंगाल में बढ़ते महिला अपराध और राजनीतिक हिंसा को लेकर भाजपा ने ममता सरकार को घेरा है. पार्टी ने बंगाल में सुरक्षा, सांस्कृतिक एकता और 'डबल इंजन' सरकार के जरिए विकास का रोडमैप पेश किया है.

यूपी तक

• 06:21 PM • 13 Apr 2026

follow google news

पश्चिम बंगाल में बढ़ते महिला अपराध, राजनीतिक हिंसा और कथित अराजकता के खिलाफ भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है. भाजपा नेतृत्व का दावा है कि राज्य की जनता अपनी संस्कृति और 'बांग्ला' भाषा के संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संघर्ष कर रही है. पार्टी ने संकल्प लिया है कि अन्य भाजपा शासित राज्यों की तरह बंगाल को भी अशांति और दंगों से मुक्त किया जाएगा.

यह भी पढ़ें...

मेयर की टिप्पणी और सुरक्षा पर सवाल

कोलकाता के मेयर द्वारा हाल ही में की गई टिप्पणियों को लेकर देशव्यापी आक्रोश देखने को मिल रहा है. भाजपा का कहना है कि बंगाल की बहनें और बेटियां आज असुरक्षित महसूस कर रही हैं और अपनी गरिमा की रक्षा के लिए भाजपा की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही हैं. पार्टी के अनुसार, ममता बनर्जी की सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में बाधाएं उत्पन्न करती है, जबकि भाजपा सभी त्योहारों के समान सम्मान की वकालत करती है.

'यूपी मॉडल' की तर्ज पर सुरक्षा और विकास

भाजपा ने बंगाल की जनता को 'डबल इंजन' सरकार का विकल्प देते हुए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर सुरक्षा और सुशासन का भरोसा दिलाया है. पार्टी का स्पष्ट विजन है:

दंगों पर लगाम: अराजकता और दंगों को पूरी तरह समाप्त कर कानून का राज स्थापित करना.

सांस्कृतिक सुरक्षा: मां काली, मां गंगा और भगवान राम की पूजा-अर्चना को बिना किसी भय और बाधा के सुरक्षित व सम्मानजनक बनाना.

सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रवाद का उद्घोष

पार्टी का मानना है कि बंगाल की जनता अब उस विचारधारा के साथ खड़ी है जो देश की सांस्कृतिक एकता को सर्वोपरि मानती है. 'वंदे मातरम' और 'राम नाम' के उद्घोष के साथ भाजपा राज्य में राष्ट्रवाद की अलख जगाने का दावा कर रही है. भाजपा नेताओं का आह्वान है कि देशहित के लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर अराजकता के खिलाफ लड़ना होगा.