मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 के मंच से किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तकनीक और डेटा के अधिकतम उपयोग का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि बढ़ते संसाधनों की कमी के बीच यह जरूरी है कि हम ऐसी तकनीक अपनाएँ जो कम लागत में अधिक उत्पादन दे सके और सीधे तौर पर किसान के लाभ में वृद्धि करे.
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हाई-टेक होगी यूपी की खेती (ड्रोन और सैटेलाइट का उपयोग)
सीएम ने कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार लाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया:
- निगरानी: फसलों की सेहत, मिट्टी (मृदा) की गुणवत्ता और मौसम के सटीक पूर्वानुमान के लिए ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक का सहारा लिया जाएगा.
- डेटा आधारित कृषि: टेक्नोलॉजी के जरिए खेती को अधिक प्रभावशाली और आधुनिक बनाया जा रहा है, जिससे प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सके.
आपदा और नुकसान पर तत्काल 'वित्तीय कवच'
अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान को लेकर सरकार ने ठोस कार्य योजना तैयार की है:
- त्वरित सहायता: फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को बिना किसी देरी के तत्काल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
- मुआवजा व्यवस्था: दुर्घटना या किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को तुरंत मुआवजा देने की पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो.
किसान की सुरक्षा और खुशहाली का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान के जीवन और उसकी फसल की सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी आधारित उपाय अब एक विकल्प नहीं बल्कि जरूरत हैं. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर किसान समृद्ध और खुशहाल हो. मृदा परीक्षण से लेकर फसल कटाई तक, हर कदम पर तकनीक किसानों का सहारा बनेगी.
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