अक्सर फाइलों और बैठकों में व्यस्त रहने वाले अधिकारी जब लोक विधाओं के रंग में रंगते हैं, तो वह पल खास हो जाता है. ऐसा ही कुछ मिर्जापुर में देखने को मिला, जहाँ एडीएम डॉ. विश्राम का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में वह पारंपरिक 'बिरहा' गाते नजर आ रहे हैं. उनके इस अंदाज ने न केवल वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया, बल्कि इंटरनेट पर भी सुर्खियां बटोर रहे हैं.
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मंच पर 'बिरहा' और गूढ़ अर्थ
डॉ. विश्राम प्रयागराज में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने गए थे, जिसे प्रसिद्ध गायक विजय लाल यादव (दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' के भाई) ने आयोजित किया था. वहां मौजूद लोगों के आग्रह पर उन्होंने 'बिरहा' गाया. उन्होंने जिस गीत का चयन किया "आन के बलमुआ के पूरी मिठाई, अपने बलम के भीगा दे बजरा..." उसके अर्थ के बारे में उन्होंने बताया कि यह एक छायावादी और रहस्यवादी गीत है. इसका सरल अर्थ मां के उस प्रेम से है जो वह अपने बेटे पर लुटाती है, जो बाद में किसी और का पति (बलमुआ) बनता है.
कौन हैं डॉ. विश्राम?
सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें 'डीएम' बता रहे हैं, लेकिन स्पष्ट कर दें कि वर्तमान में वह मिर्जापुर के एडीएम हैं. डॉ. विश्राम 2010 बैच के पीसीएस (PCS) अधिकारी हैं. वह प्रयागराज के हंडिया के मूल निवासी हैं. हाल ही में उनके शानदार कार्यों को देखते हुए सरकार ने उन्हें प्रमोट कर IAS संवर्ग में शामिल किया है. 2026 में हुई इस पदोन्नति के बाद अब वह जल्द ही किसी जिले के डीएम (DM) के रूप में तैनात हो सकते हैं.
लोक विधाओं को बचाने की मुहिम
आधुनिक दौर में कजरी, बिरहा और चैती जैसी लोक विधाएं धीरे-धीरे लुप्त हो रही हैं. डॉ. विश्राम का मानना है कि जब शिक्षित और उच्च पदों पर बैठे लोग इन परंपराओं से जुड़ेंगे, तो नई पीढ़ी का रुझान भी इनकी ओर बढ़ेगा. उन्होंने कहा, "यह हमारी धरती की खुशबू और सांस्कृतिक धरोहर है. अगर हम इसे अपनाएंगे, तभी इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाया जा सकेगा."
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