CBSE 10th Result: सीबीएसई 10वीं में सहारनपुर के व्योम मित्तल की मार्कशीट देख चौंक जाएंगे

CBSE 10th Result 2026: सहारनपुर के ननौता कस्बे के किसान के बेटे वम मित्तल ने CBSE 10वीं परीक्षा में 98.4% अंक हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है. आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें बड़ी सफलता दिलाई, अब उनका सपना इंजीनियर बनने का है.

राहुल कुमार

• 02:39 PM • 16 Apr 2026

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CBSE 10th Result 2026: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक किसान के बेटे व्योम ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की है. सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद छात्र ने CBSE 10वीं की परीक्षा में शानदार अंक प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है. यह कहानी न सिर्फ एक छात्र की सफलता की है, बल्कि एक किसान परिवार के संघर्ष, सपनों और हौसले की भी मिसाल है. बेटे की सफलता से पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू हैं और कस्बे में गर्व का माहौल है.

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सहारनपुर के ननौता का छात्र बना मिसाल

सहारनपुर जिले के ननौता कस्बे के रहने वाले वम मित्तल ने CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98.4 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार उपलब्धि दर्ज की है. साधारण किसान परिवार से आने वाले वम की इस सफलता ने पूरे कस्बे को गौरवान्वित कर दिया है.

इंग्लिश- 100
हिंदी- 97
साइंस- 97
सोशल साइंस- 98
इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी -100
मैथ्स- 95

बता दें कि टॉप 5 सब्जेक्ट्स को मिलाकर व्योम को 500 में से 492  मार्क्स मिले हैं. इन टॉप 5 सब्जेक्ट्स में मैथ्स के मार्क्स शामिल नहीं हैं.

व्योम के पिता सचिन मित्तल पेशे से किसान हैं और ननौता क्षेत्र में खेती करते हैं. उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी. इस वर्ष फसल खराब होने के कारण आर्थिक परेशानियां जरूर आईं, लेकिन स्कूल प्रशासन ने सहयोग किया, जिससे पढ़ाई जारी रह सकी. बेटे का परिणाम देखकर पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए.

आर्थिक कठिनाइयों के बीच जारी रखी पढ़ाई

व्योम के पिता ने बताया कि खेती से होने वाली आय पर ही पूरे परिवार का खर्च चलता है. इस बार फसल खराब होने से फीस जमा करने में भी परेशानी आई, लेकिन स्कूल के शिक्षकों ने सहयोग करते हुए फीस को आगे बढ़ाने की सुविधा दी. उन्होंने बताया कि शिक्षकों, खासकर सत्येंद्र सर, ने इस दौरान काफी मदद की.

पिता का कहना है कि वह बेटे के साथ पढ़ाई में ज्यादा समय नहीं दे पाते थे, लेकिन बेटे की लगन और आत्मप्रेरणा ने उसे आगे बढ़ने में मदद की. उनका कहना है कि वम को पढ़ाई के लिए प्रेरणा अपने चाचा से मिली, जो पेशे से इंजीनियर हैं.

नियमित पढ़ाई और परिवार का सहयोग बना सफलता की कुंजी

व्योम मित्तल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के सहयोग को दिया. उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से स्कूल जाते थे और घर लौटने के बाद रोज हल्का रिवीजन करते थे. प्री-बोर्ड परीक्षा के बाद उन्होंने बोर्ड परीक्षा की तैयारी को और गंभीरता से शुरू किया.

उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान कभी-कभी कम अंक आने पर निराशा होती थी, लेकिन उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया. परिवार के सभी सदस्य, जिनमें चाचा, दादी और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं, ने उन्हें लगातार प्रेरित किया.

इंजीनियर बनने का सपना, चाचा से मिली प्रेरणा

व्योम मित्तल का लक्ष्य आगे चलकर इंजीनियर बनना है. उन्होंने बताया कि उनके चाचा और परिवार के अन्य सदस्य इंजीनियर हैं, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली. उनका कहना है कि वह भविष्य में और अधिक मेहनत करके अपने पिता के सपनों को पूरा करना चाहते हैं.

व्योम ने बताया कि उन्होंने उम्मीद की थी कि उनके 90 प्रतिशत से अधिक अंक आएंगे, लेकिन 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर वह खुद भी बेहद खुश हैं. उन्होंने बताया कि अंग्रेजी और आईटी विषय में उन्हें पूरे अंक मिले, जबकि सामाजिक विज्ञान में 98 अंक हासिल किए.

CBSE ने जारी किया 10वीं का रिजल्ट

बता दें कि CBSE बोर्ड ने 15 अप्रैल की शाम को 10वीं कक्षा के परिणाम जारी कर दिए हैं. लंबे समय से परिणाम का इंतजार कर रहे लगभग 26 लाख से अधिक छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है. छात्र अपने परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं.

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