लखनऊ के विकास नगर में झुग्गी झोपड़ी में लगी भीषण आग, सैकड़ों परिवार हुए बेघर

Lucknow Fire News: लखनऊ के विकास नगर इलाके में भीषण आग लगने से 200 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख हो गईं. कई सिलेंडर फटने से इलाके में दहशत फैल गई, जबकि प्रशासन और दमकल विभाग ने देर रात तक राहत और बचाव कार्य जारी रखा.

यूपी तक

• 10:52 AM • 16 Apr 2026

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Lucknow Fire News: लखनऊ के विकास नगर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक भीषण अग्निकांड ने सैकड़ों परिवारों की खुशियों को पल भर में राख में बदल दिया. झुग्गी-झोपड़ी इलाके में अचानक लगी आग ने इतनी तेजी से विकराल रूप ले लिया कि देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं और आग की लपटों से घिर गया. कई सिलेंडरों के एक के बाद एक फटने से हालात और भयावह हो गए, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. घटना के समय कई परिवार शादी-ब्याह की तैयारियों में लगे थे, लेकिन इस हादसे ने उनकी सारी उम्मीदों और सपनों को तहस-नहस कर दिया. प्रशासन और दमकल विभाग की टीमों ने देर रात तक कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया.

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अचानक लगी आग से मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के विकास नगर इलाके में बुधवार शाम करीब 5:30 बजे झुग्गी-झोपड़ियों में अचानक आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने या सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला. कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि उन्हें करीब 5 किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता था, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया.

सिलेंडर धमाकों ने बढ़ाई तबाही

आग लगने के बाद स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब इलाके में रखे 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे. इन धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और लोगों में भय का माहौल फैल गया.

बताया गया कि कई लोगों ने अपने घरों में रखे सिलेंडरों को सुरक्षित करने के लिए उन्हें नालियों में डाल दिया, ताकि किसी बड़े विस्फोट को रोका जा सके.

200 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख

इस भीषण अग्निकांड में लगभग 200 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं. लोगों का घरेलू सामान, कपड़े, बर्तन, अलमारियां और अन्य जरूरी वस्तुएं आग की चपेट में आकर नष्ट हो गईं.

आसपास के करीब 10 पक्के मकानों को एहतियातन खाली कराया गया, ताकि आग के फैलाव से अन्य घरों को नुकसान न पहुंचे. घटना के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए.

शादी वाले घर में छा गया मातम

इस हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. जिस घर में बेटे की बारात जाने की तैयारी चल रही थी, उसी घर में अचानक आग लगने से सब कुछ जलकर राख हो गया.

पीड़ित महिला ने बताया कि उन्होंने करीब 5 से 7 लाख रुपये के जेवर, सैकड़ों कपड़े और नकद रकम कर्ज लेकर तैयार की थी, जो आग में पूरी तरह नष्ट हो गई. महिला ने कहा कि वह शादी की तैयारी में कपड़े पहन रही थीं, तभी उनके बेटे ने उन्हें आवाज देकर भागने को कहा, जिससे उनकी जान बच सकी.

दमकल और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और देर रात तक आग बुझाने का काम जारी रहा. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाके की बिजली सप्लाई भी काट दी गई, ताकि कोई और हादसा न हो.

मौके पर डीएम, फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की. इसके अलावा 10 से ज्यादा एंबुलेंस भी मौके पर तैनात की गईं, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके.

20-22 साल से बसे लोगों का सब कुछ जल गया

इस घटना में कई ऐसे परिवार प्रभावित हुए, जो पिछले 20 से 22 वर्षों से इस इलाके में रह रहे थे. पीड़ितों का कहना है कि इतने वर्षों में उन्होंने कभी ऐसा भयानक हादसा नहीं देखा था.

लोगों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें अपने सामान को बचाने का मौका ही नहीं मिला. कई परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और उनकी वर्षों की मेहनत पल भर में खत्म हो गई.

मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान

इस भीषण हादसे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए.

वहीं, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है तथा घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा.

घायलों और मवेशियों को भी पहुंचाया गया सुरक्षित स्थान

प्रशासन की ओर से घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनका इलाज कराया जा रहा है. साथ ही कई मवेशियों के झुलसने की भी जानकारी सामने आई है.

पशु कल्याण अधिकारियों के अनुसार, घायल जानवरों को नगर निगम की गौशाला भेजा गया है, जहां दो गायों का इलाज किया जा रहा है, जबकि छह अन्य मवेशियों को सुरक्षित बचा लिया गया है.

मौत और घायलों के आंकड़े पर अभी स्पष्टता नहीं

इतने बड़े हादसे के बावजूद अभी तक मौतों या घायलों की सटीक संख्या को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. पुलिस और प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.

अधिकारियों के अनुसार, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और जिला प्रशासन लगातार मौके पर मौजूद हैं और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने का काम जारी है.

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