लखनऊ संग ये 5 जिले स्टेट कैपिटल रीजन में होंगे शामिल, पहली सर्वे रिपोर्ट आई तो अब ये स्टेप उठा रहीं IAS रोशन जैकब

अंकित मिश्रा

05 Sep 2025 (अपडेटेड: 05 Sep 2025, 12:03 PM)

लखनऊ और उसके आसपास के जिलों को अब एक नया विकास मॉडल मिलने जा रहा है. प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन का स्वरूप अब आबादी और बसावट के आधार पर तय किया जाएगा.

IAS Roshan Jacob

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लखनऊ का विकास अब दिल्ली-एनसीआर के तर्ज पर किए जाने की तैयारी चल रही है. योगी सरकार ने लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) बनाने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है.ऐसे में अब लखनऊ और उसके आसपास के जिलों को अब एक नया विकास मॉडल मिलने जा रहा है. प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन का स्वरूप अब आबादी और बसावट के आधार पर तय किया जाएगा. इस योजना में लखनऊ के साथ-साथ सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली जैसे जिलों को शामिल किया जाएगा.

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क्या है योजना?

उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन करीब 26,000 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा. इसका मुख्य उद्देश्य हाई-स्पीड रेल और रोड कनेक्टिविटी के जरिए लखनऊ और आस-पास के जिलों में लोगों के आवागमन को और तेज और आसान बनाना है. इस योजना से औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

हाल ही में रीजन प्लान की पहली सर्वे रिपोर्ट मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब के सामने पेश की गई. कंसल्टिंग इंजीनियर्स की टीम ने बताया कि इस पूरे प्लान को तैयार करने में एक साल का समय लगेगा. इसके बाद अगले पांच सालों में डीपीआर तैयार करके परियोजनाओं को जमीन पर उतारा जाएगा.

सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, हर साल इस क्षेत्र में लगभग 1.8 करोड़ पर्यटक आते हैं जिनमें लखनऊ और बाराबंकी सबसे आगे हैं. योजना में पर्यटन को और भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा. इसके अलावा यहां की उपजाऊ जमीन और कृषि क्षेत्र में भी विकास की अपार संभावनाएं हैं. मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने डेटा कलेक्शन में तेजी लाने और योजना को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में अलग-अलग कंसल्टेंट नियुक्त करने का निर्देश भी दिया है.