इकलौते बेटे अक्षत ने अपने ही पिता को दी खौफनाक मौत, फिर बॉडी के टुकड़े नीले ड्रम में भरकर बताने लगा अलग कहानी

अंकित मिश्रा

24 Feb 2026 (अपडेटेड: 24 Feb 2026, 10:21 AM)

Lucknow Crime News: लखनऊ के आशियाना में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है जहां एक बेटे ने पिता मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपी ने शव के दो टुकड़े कर धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया और सिर समेत अन्य हिस्सों को बाहर फेंक दिया.

Father and Son

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Lucknow Crime News: लखनऊ का पॉश इलाका आशियाना जहां सन्नाटे के बीच पुलिस की गाड़ियां जब एक मकान के सामने रुकीं तो किसी को अंदाजा नहीं था कि अंदर एक शैतान बेटा छिपा है. वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी से लापता थे. उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट बेटे अक्षत ने दर्ज कराई थी. पुलिस ने जब उनकी खोजबीन शुरू की तो मानवेंद्र सिंह अपने ही घर के नीले ड्रम में मिले. लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी. जैसे ही ये सच्चाई सामने आई हर किसी के होश उड़ गए.  मानवेंद्र सिंह को जान से मारकर ड्रम में भरने वाला कोई और नहीं उनका अपना इकलौता बेटा अक्षत था.  लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये था कि आखिर अक्षत ने अपने पिता की हत्या क्यों की?

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20 फरवरी को पिता का मारी गोली

20 फरवरी के दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर मानवेंद्र सिंह और उनके ग्रेजुएशन कर रहे बेटे अक्षत के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ. इस दौरान गुस्सा अक्षत के सिर पर इस कदर सवार हुआ कि उसने दीवार पर टंगी पिता की ही लाइसेंसी बंदूक उतारी और उनके माथे पर नली सटाकर ट्रिगर दबा दिया. एक जोरदार धमाका हुआ और मानवेंद्र सिंह का चेहरा चिथड़ों में तब्दील हो गया. कमरे की दीवारें खून से लाल हो गईं. हैरत की बात यह है कि इस कत्ल की गवाह अक्षत की 11वीं में पढ़ने वाली छोटी बहन बनी. भाई ने पिता को मार डाला और फिर बहन की आंखों में आंखें डालकर धमकी दी कि 'अगर किसी को बताया तो तेरा भी यही हाल करूंगा.' सहमी हुई बच्ची डर के मारे पत्थर बन गई और खामोश रही.

लाश के टुकड़े कर करने लगा ये काम

हत्या के बाद अक्षत किसी पेशेवर अपराधी की तरह काम करने लगा. वह तीसरी मंजिल से घसीटते हुए पिता की लाश को ग्राउंड फ्लोर के खाली कमरे में लाया. वहां उसने लाश के दो हिस्से कर दिए. शरीर के कुछ टुकड़ों को उसने कार में भरा और सदरौना इलाके के सुनसान मैदान में फेंक आया. बाकी का आधा शरीर उसने एक नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरकर घर के अंदर ही छिपा दिया. उसने कार को धोया और पूरे कमरे को साफ करने की कोशिश की ताकि सबूत मिट सकें.

पुलिस को गुमराह करने का शातिर खेल

कत्ल के बाद अक्षत खुद पुलिस के पास पहुंचा और पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई. उसने कहानी गढ़ी कि पिता दिल्ली गए थे. लेकिन जब पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की और अक्षत अपने बयान लगातार बदल रहा था. ऐसे में पुलिस ने अक्षत से सख्ती से पूछताछ शुरू की. इस दौरान उसने  पहले पिता के आत्महत्याका नाटक रचा. लेकिन पुलिस के सवालों के सामने वह फंस गया और सबकुछ साफ-साफ बताया दिया कि उसने ही अपने पिता की हत्या की है. सोमवार शाम जब पुलिस अक्षत को लेकर उसके घर पहुंची तो वहां का मंजर देखकर अधिकारियों के भी पसीने छूट गए. कमरे में पड़ा नीला ड्रम खून से लथपथ था. सिर पर गोली लगने के कारण चेहरा पहचान में नहीं आ रहा था. पड़ोसियों ने बताया कि अक्षत अक्सर बंदूक लेकर दिखावा करता था. लेकिन वही बंदूक उसके पिता के लिए काल बन जाएगी यह किसी ने नहीं सोचा था.