Lucknow News : उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर पुलिस कस्टडी में एक और मौत का मामला सामने आया है. यह पिछले 15 दिन में दलित युवक अमन गौतम की मौत के बाद दूसरा मामला है. यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस कस्टडी में रखे गए मोहित पांडे नाम के युवक की मौत हो गई है. पुलिस का दावा है कि शांतिभंग की आशंका में युवक को पकड़ा गया था, लेकिन उसकी तबीयत खराब हो गई. पुलिस यह भी दावा कर रही है कि इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हुई लेकिन मोहित के परिजनों का कहना है कि पुलिस ने एक लोकल नेता के कहने पर रात भर हवालात में उसकी पिटाई कर उसे मार डाला.
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वहीं अब इस मामले में पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है. मृतक मोहित पांडे की मां तपेश्वरी की तहरीर पर दर्ज इंस्पेक्टर और 2 अन्य पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है.
पुलिस ने किया था गिरफ्तार
बता दें कि मोहित पांडे की उम्र तकरीबन 32 साल थी मोहित चिनहट के देवा रोड स्थित अपट्रान इलाके मे नयी बस्ती जैनाबाद गांव का रहने वाला था. वह स्कूल यूनिफॉर्म की सिलाई का काम करता था. देवा रोड जैनाबाद निवासी मोहित पाण्डेय (32) स्कूल टाई और बेल्ट का कारखाना चलाता था. माल सप्लाई करने के लिए मोहित ने मटियारी निवासी आदेश सिंह को काम पर रखा था. कुछ दिन पहले आदेश सिंह ने रुपयों को लेकर विवाद किया,फिर काम पर आना बंद कर दिया. शुक्रवार को आदेश ने मोहित से बकाया 600 रुपये मांगे. रात 9.30 बजे आदेश व्यापारी के घर पहुंचा. कहासुनी पर आदेश ने पुलिस बुला ली, जो मोहित को चिनहट कोतवाली ले गई थी. परिवार का आरोप है कि कहासुनी के बाद मोहित को देवा रोड स्थित दुकान से पुलिस ने से उठा लिया, पहले चौकी ले गए और फिर वहां से चिनहट थाना.
मोहित का बड़ा भाई शोभाराम जो मोहित के साथ पुलिस कस्टडी में था, उसने बताया मोहित रातभर तड़पता रहा. उसने कई बार पानी मांगा. उन्होंने भी पानी देने की गुहार लगाई, पर पुलिसकर्मी नहीं पसीजे. यही नहीं, रात में नित्यक्रिया जाने के लिए मोहित ने कई बार आवाज लगाई. उन्होंने भी लॉकअप का दरवाजा खोलने के लिए कहा. इस पर पुलिसकर्मियों ने गालियां दीं. इसके बाद मोहित की तबीयत और बिगड़ गई.
परिवार ने लगाया ये आरोप
इस बीच दोनों भाइयों को छुड़ाने के लिए शनिवार दोपहर तक परिवारीजन थाने के चक्कर लगाते रहे. मां तपेश्वरी का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने परिवारीजनों को थाने से कई बार भगाया. दोनों बेटों से किसी को भी मिलने नहीं दिया गया. दोपहर करीब 2:30 बजे अचानक पुलिसकर्मियों ने मोहित को गाड़ी में बैठाया और शोभाराम को भी साथ में ले लिया.
वहीं मोहित की मौत के बाद उसके पूरे परिवार का बुरा हाल है. पत्नी बेसुध हो गई है,रात भर रोने के बाद अब मुंह से एक शब्द भी नहीं निकल रहा है. तो वहीं, मां और बहन का रो-रो कर एक ही बात कह रही है कि पुलिस ने लड़के को मार डाला, मांगने पर पानी तक नहीं दिया. मां एक करोड़ के मुआवजे, पत्नी को सरकारी नौकरी और दोषियों को कड़ी सजा की मान सरकार से कर रही है.
मामले की चल रही जांच
इस मामले में एडिशनल एसपी पंकज सिंह ने कहा कि, दो पक्षों में वाद विवाद का मामला था, शांति भंग की आशंका थी, इसलिए हिरासत में लिया गया था. उनका दावा है कि अस्पताल लाने के बाद देहांत हुआ. उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी लेकर बताया जाएगा. परिवार की तरफ से मारपीट के आरोपों पर एडिशनल एसपी ने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी. डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह का कहना है कि, इंस्पेक्टर चिनहट अश्वनी चतुर्वेदी ने मोहित की तबीयत खराब होने की बात बताई है. तबीयत बिगड़ने पर मोहित को अस्पताल ले जाया गया था.पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.
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