Lucknow Crime News: लखनऊ के आलमबाग थाने में तैनात सिपाही बालकिशन के घर में खुशियों की तैयारी चल रही थी. 19 फरवरी 2026 को सिपाही के सिर पर सेहरा सजने वाला था. लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. 2019 बैच का यह सिपाही जिंदगी की जंग में एक युवती के बिछाए जाल में हार गया. उसने अपनी जिंदगी खत्म कर ली. सिपाही बालकिशन के आत्महत्या की पूरी कहानी अब शीशे की तरफ साफ है. कैसे सिपाही बालकिशन युवती के प्यार में फंसा और उसने खुद क्यों जान दी, इसकी दास्तान दर्दनाक है.
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ऐसे हुई थी बालकिशन और प्रिया की दोस्ती
यह कहानी शुरू हुई अलीगढ़ निवासी बालकिशन और अंबेडकरनगर की प्रिया रंजन के बीच हुई एक फेसबुक रिक्वेस्ट से. देखते ही देखते यह दोस्ती मुलाकातों में बदल गई. प्रिया का बालकिशन के कमरे पर आना-जाना शुरू हो गया. मृतक के भाई मनवीर सिंह का आरोप है कि इसी नजदीकी का फायदा उठाकर प्रिया ने बालकिशन पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं प्यार की आड़ में महंगे गिफ्ट्स और मोटी नकदी ऐंठने का खेल भी शुरू हो गया.
बालकिशन के भाई ने किया ये दावा
इस बीच बालकिशन के घर वालों ने उसकी शादी अलीगढ़ की ही एक लड़की से तय कर दी थी. जैसे ही यह खबर प्रिया तक पहुंची, उसने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया. भाई का दावा है कि बालकिशन ने उसे शादी से मना किया तो युवती ने रेप केस में फंसाने और नौकरी छुड़वा देने की खौफनाक धमकी दी. सिपाही बालकिशन अपनी वर्दी पर दाग लगने के डर और मानसिक प्रताड़ना से इस कदर टूट गया कि उसे मौत का ही रास्ता नजर आया.
12 दिसंबर की वो खौफनाक रात थी जब बालकिशन ने घरवालों के फोन नहीं उठाए. रूममेट विनोद ने जब कमरे का दरवाजा खोला, तो सामने पंखे से लटकता बालकिशन का शरीर था. आलमबाग पुलिस ने अब भाई की तहरीर पर प्रिया रंजन के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है. बालकिशन के मोबाइल और उसकी कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है?
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