उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अवध बार एसोसिएशन ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को कोर्ट केसेस की सुनवाई ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से करने का सुझाव दिया था, जिसे हाई कोर्ट प्रशासन ने मान लिया है. सोमवार, 3 जनवरी को मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने अधिवक्ताओं के अनुरोध पर निर्णय लिया कि केसेस की सुनवाई दोनों माध्यम से की जाएगी यानी वर्चुअल और ऑफलाइन.
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बता दें कि इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ और लखनऊ बेंच में सिर्फ वर्चुअल माध्यम से केसेस की सुनवाई का आदेश जारी किया गया था, जिसे सोमवार को वापस ले लिया गया. अब मंगलवार, 4 जनवरी से हाई कोर्ट में वर्चुअल और फिजिकल बहस दोनों होंगी.
अवध बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौधरी ने बताया कि जिन अधिवक्ताओं को कोर्ट की ओर परमिशन दी जाएगी वही सिर्फ अपने चेंबर, हाई कोर्ट में स्थित पुस्तकालय और अवध बार एसोसिएशन के कार्यालयों का उपयोग कर सकेंगे. चौधरी ने यह भी बताया कि जो सुनवाई संबंधित नए मामले होंगे उन्हें ही ऑफलाइन सुना जाएगा और वह भी सीमित संख्या में.
आपको बता दें कि यूपी में कोरोना लगातार रफ्तार पकड़ रहा है. बीते 24 घंटे में यूपी में कोरोना के 572 नए मामले मिले. वहीं लखनऊ में संक्रमित मरीजों की संख्या 360 हो गई है, जिनमें सोमवार को 86 नए मरीज मिले. यूपी में फिलहाल 2261 संक्रमित मरीज हो गए हैं.
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