Lucknow Aliganj fire incident Updates: लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने लगभग सभी तय कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं, जिसमें उनका हाथरस और आगरा का दौरा भी शामिल था. अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं. इस बीच, उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) ने भी मंगलवार को होने वाले अपने सभी संगठनात्मक कार्यक्रमों को स्थगित करने की घोषणा की है और हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
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एनिमेशन सेंटर में लगी थी आग, युवाओं की गई जान
यह आग सोमवार दोपहर को अलीगंज के सेक्टर-डी इलाके में स्थित एक कमर्शियल इमारत में लगी थी, जिसमें एक एनिमेशन सेंटर और एक पेट शॉप चल रही थी. मारे गए लोगों में ज्यादातर युवा छात्र शामिल हैं, जो सेंटर में क्लास अटेंड करने आए थे. इमारत में लपटें और धुआं फैलने के कारण कई पीड़ित अंदर ही फंस गए थे.
हादसे के एक दिन बाद मंगलवार को इमारत के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई. पुलिस कर्मियों ने परिसर को घेर लिया और अंदर जाने पर पाबंदी लगा दी, जबकि कुछ स्थानीय लोग और मीडियाकर्मी दृश्यों को कैमरे में कैद करने के लिए क्षतिग्रस्त इमारत के पास पहुंचे.
रिहायशी इलाके में कमर्शियल बिल्डिंगों पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उनका आरोप है कि ऐसी कई इमारतें फायर सेफ्टी के मानकों को पूरा नहीं करती हैं.
स्थानीय निवासी हेमंत श्रीवास्तव ने कहा, "यह एक टिक-टिक करते टाइम बम की तरह है. अगर नियमों की अनदेखी करके आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक इमारतें इसी तरह चलती रहीं, तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं." इसके अलावा, अग्निशमन अभियान (आग बुझाने के काम) के बाद बेसमेंट और इमारत के अन्य हिस्सों में जमा हुए पानी को हटाते हुए नगर निगम के कर्मचारी भी देखे गए.
एसआईटी गठित, 4 गिरफ्तार और 4 अफसर सस्पेंड
त्रासदी के बाद राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री आवास पर एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई, जहां सीएम योगी ने दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन का आदेश दिया. इस एसआईटी की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति) अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), लखनऊ जोन, प्रवीण कुमार कर रहे हैं. एसआईटी को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
ये हैं गिरफ्तार किए गए लोग
पुलिस ने बताया कि उन्होंने इस घटना के सिलसिले में चार आरोपियों राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषांक कृष्णा जयसवाल और सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
इसके साथ ही, लापरवाही बरतने के आरोप में चार अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है, जिनमें बिजली विभाग, फायर विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अधिकारी शामिल हैं.
मुआवजे का ऐलान
मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक छह सदस्यीय टीम घटना स्थल पर पहुंची. जांच के लिए एसआईटी के भी जल्द ही मौके पर पहुंचने की उम्मीद जताई गई. सरकार द्वारा इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपये और प्रत्येक घायल व्यक्ति के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजे) की घोषणा की गई है.
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