कानपुर में दवा कारोबारी की हत्या पर फूटकर रोने वाली बहू निकली मास्टरमाइंड? पुलिस खोल दिए सारे राज

यूपी तक

• 03:41 PM • 08 Sep 2026

कानपुर दवा व्यापारी हत्या में बहु शालू मास्टर माइंड निकली. पुलिस ने घटना की योजना, आरोपियों को पकड़ा और जांच जारी है.

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कानपुर के प्रसिद्ध दवा व्यापारी विनीत मनोचा की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. जिस बहू शालू ने वारदात के बाद पुलिस और कैमरों के सामने फूट-फूटकर आंसू बहाए थे, वही इस खौफनाक हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता निकली. डीसीपी वेस्ट कासिम आब्दी के मुताबिक, शालू ने घर के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी को 6 लाख रुपये की सुपारी देकर ससुर की हत्या करवाई थी. पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दोनों कातिलों और साजिशकर्ता बहू को गिरफ्तार कर लिया है.

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20 दिन पहले रची गई साजिश, 2 लाख रुपये दिए एडवांस

पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्याकांड अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी पटकथा 20 से 25 दिन पहले ही लिख दी गई थी. शालू लगातार 12 साल तक घर में काम कर चुके पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम के संपर्क में थी. रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के दौरान भी विशाल का घर पर आना-जाना हुआ था. शालू ने ससुर को रास्ते से हटाने के लिए 6 लाख रुपये में डील तय की जिसमें से 2 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे और 4 लाख रुपये काम होने के बाद दिए जाने थे.

गार्ड से लिखवाया झूठा नाम, सौंपी डुप्लीकेट चाबी

वारदात वाले दिन आरोपियों की एंट्री पूरी प्लानिंग के तहत कराई गई थी. शाम करीब 8 बजे आरोपी फ्लैट पर पहुंचे और बेल बजाकर शालू को सामान दिया. शालू ने सोसाइटी के गार्ड को सख्त हिदायत दी कि इनका नाम रजिस्टर में न दर्ज किया जाए और किसी फर्जी नाम से एंट्री कराई जाए. इसके अलावा शालू ने घर के मुख्य दरवाजे की डुप्लीकेट चाबी भी कातिलों को सौंप दी थी ताकि वे बिना किसी जबरन एंट्री (फॉरगेट एंट्री) के सीधे घर के अंदर आ सकें.

हार्ट अटैक की देनी थी थ्योरी

डीसीपी कासिम आब्दी के अनुसार, कातिलों का शुरुआती प्लान मर्डर को प्राकृतिक मौत या 'हार्ट अटैक' साबित करने का था. योजना के मुताबिक, जब विनीत मनोचा सो रहे होते, तब तकिए से मुंह दबाकर उनकी जान ली जानी थी ताकि परिवार के लौटने पर मौत की वजह दिल का दौरा लगे और मामला रफा-दफा हो जाए. लेकिन घर में दाखिल होने के बाद लड़कों के कमरे की लाइट जलने से पैनिक सिचुएशन बन गई. हड़बड़ाहट में आरोपियों ने अपने पास रखे चाकू से विनीत पर ताबड़तोड़ वार कर दिए जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

कैमरों का पहरा और पैसों पर ससुर का कब्जा

पूछताछ में बहू शालू के इस खौफनाक कदम के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए हैं. ससुर विनीत मनोचा ने हाल ही में घर के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए थे जिससे शालू को अपनी आजादी छिनती हुई महसूस हो रही थी. घर के सभी वित्तीय फैसलों पर पूरी तरह से ससुर का ही एकाधिकार था, जिससे शालू को आर्थिक स्वतंत्रता नहीं मिल पा रही थी.

मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी

घटनास्थल से मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर (CDR) एनालिसिस में बहू की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई थीं. जब पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की तो शालू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मुख्य शूटर विशाल और उसके साथी को दबोच लिया. तीनों आरोपियों  को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा रहा है. मामले में पति या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है.