कहते हैं कि मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे. कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात 2018 बैच के सिपाही आशीष शुक्ला ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. आशीष ने PCS परीक्षा में प्रदेश भर में 41वां स्थान हासिल किया है. अब वह सिपाही से सीधे अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देंगे.
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मां का साथ और पिता का अधूरा सपना
अमेठी के रहने वाले आशीष की इस सफलता के पीछे संघर्षों की एक लंबी कहानी है. आशीष के सिर से पिता का साया उठ चुका था, लेकिन उनकी मां ने कभी उनकी हिम्मत टूटने नहीं दी. आशीष अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपनी मां के बलिदान और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन को देते हैं. उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों और ड्यूटी के कड़े अनुशासन के बीच समय का प्रबंधन कर यह मुकाम हासिल किया है.
वर्दी में रहते हुए की तैयारी, अधिकारियों ने बढ़ाया हौसला
एक सिपाही की ड्यूटी काफी चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन आशीष ने अपनी तैनाती के दौरान मिलने वाले खाली समय को किताबों के नाम कर दिया. आशीष के अनुसार:
- सीनियर का सहयोग: उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने न केवल उन्हें प्रेरित किया, बल्कि उनकी पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल भी तैयार किया.
- निरंतरता: कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और हर बाधा को अवसर में बदला.
- लक्ष्य: PCS में सफलता के बाद भी आशीष रुकने वाले नहीं हैं, उनका अगला लक्ष्य अब UPSC (IAS) की परीक्षा पास करना है.
विभाग में जश्न और युवाओं के लिए प्रेरणा
जैसे ही आशीष की सफलता की खबर पुलिस महकमे में पहुंची, उनके सहकर्मियों और अधिकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई. विभाग में मिठाई बांटकर उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया गया. आशीष का मानना है कि सफलता के लिए खुद को एक बेहतर इंसान बनाना जरूरी है और मेहनत का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता.
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