वृंदावन के केसी घाट पर हुए भीषण नाव हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. जिस स्टीमर पर सवार होकर श्रद्धालु यमुना की लहरों पर भक्ति में डूबे हुए थे वही स्टीमर उनकी जलसमाधि का कारण बन गया. कड़ी मशक्कत के बाद जब उस स्टीमर को पानी से बाहर निकाला गया तो उसकी हालत देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की रूह कांप गई.
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भजन गा रहे थे श्रद्धालू तभी हुआ ये हादसा
हादसे का शिकार हुआ लुधियाना का एक परिवार और अन्य श्रद्धालू स्टीमर पर सवार होकर भगवान के भजनों में सराबोर थे. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में श्रद्धालू खुशी-खुशी भजन गाते दिख रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, श्रद्धालुओं ने नाविक को दो-तीन बार चेतावनी भी दी थी कि वह नाव को सावधानी से चलाए. लेकिन लापरवाही का नतीजा एक बड़े हादसे के रूप में सामने आया.
पीपा पुल से टकराकर पानी में समाया स्टीमर
हादसा तब हुआ जब 25 श्रद्धालुओं से भरा यह स्टीमर पीपा वाले पुल से जा टकराया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्टीमर देखते ही देखते यमुना के गहरे पानी में समा गया. इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. जबकि 5 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.
जब 40 फीट गहराई से बाहर आया स्टीमर
घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. रात करीब 2 बजे जब स्टीमर को बाहर निकाला गया तो वह पूरी तरह गीली बालू (सैंड) से भरा हुआ था. स्टीमर की ऊपर की छतरी और हिस्सा पानी के अंदर ही कहीं टूट कर गिर चुका था. एसपी देहात के अनुसार, यमुना का पानी यहां 40 से 50 फीट गहरा है और नीचे काफी कीचड़ व दलदल है जिससे गोताखोरों को सर्च करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पुलिस और प्रशासन की टीमें लगभग 14 किलोमीटर के दायरे में पेट्रोलिंग कर रही हैं ताकि लापता लोगों का सुराग मिल सके.
लुधियाना के परिवार में मचा कोहराम
इस हादसे में लुधियाना से आए एक ही परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई है. परिवार के एक परिचित ने बताया कि वे हर साल बिहारी जी के चरणों में दर्शन के लिए आते थे. लेकिन इस बार 'विधि के विधान' ने सब कुछ उजाड़ दिया. फिलहाल जिला प्रशासन के सहयोग से पीड़ितों की तलाश जारी है.
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