मेरठ में बेटी प्रियंका की मौत के बाद महीनों तक लाश के साथ रहा पिता, घर का ताला टूटा तो सामने आया ये खौफनाक मंजर

Meerut News: मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र में एक महिला शिक्षिका का शव महीनों तक घर में पड़ा रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी. चौंकाने वाली बात यह रही कि पिता कुछ समय तक उसी घर में शव के साथ रहा और बाद में फरार हो गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

यूपी तक

• 11:38 AM • 12 Apr 2026

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Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद चौंकाने देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि पुलिस महकमे को भी हैरान कर दिया है. यहां एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाली महिला शिक्षिका का शव महीनों तक घर के अंदर बंद पड़ा रहा लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. हैरानी की बात यह भी है कि महिला का पिता कुछ समय तक उसी घर में शव के साथ रहा और बाद में घर पर ताला लगाकर फरार हो गया. जब इस पूरे मामले का खुलासा हुआ तो इलाके में सनसनी फैल गई और कई ऐसे सवाल खड़े हो गए जिनका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है. पुलिस अब इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.

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क्या है पूरा मामला

यह घटना मेरठ के सदर बाजार पुलिस स्टेशन के तेली मोहल्ला क्षेत्र की बताई जा रही है. यहां रहने वाली करीब 30–35 वर्षीय प्रियंका विश्वास एक प्राइवेट टीचर थीं. प्रियंका कई महीनों से अपने पिता उदयभान विश्वास के साथ रहती थीं. बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 के आसपास बीमारी के चलते प्रियंका की मौत हो गई थी लेकिन इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दी गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिता ने न तो किसी को मौत की सूचना दी और न ही अंतिम संस्कार कराया. बल्कि वह कई दिनों तक अपनी बेटी के शव के साथ घर में ही रहा.

कुछ समय बाद उसने घर पर बाहर से ताला लगा दिया और वहां से चला गया. इसके बाद वह हरिद्वार चला गया और गुमनामी में रहने लगा. इस दौरान रिश्तेदार लगातार दोनों से संपर्क करने की कोशिश करते रहे लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी.

रिश्तेदारों को ऐसे हुआ शक

काफी समय तक कोई संपर्क न होने पर रिश्तेदारों को शक हुआ. इसी बीच एक दिन अचानक पिता उदयभान विश्वास मेरठ के बेगमबाग इलाके में एक चाय की दुकान पर दिखाई दिया. जब रिश्तेदारों ने उससे बेटी के बारे में पूछा तो वह अलग-अलग बातें करने लगा और कभी उसे देहरादून में भर्ती होने की बात कहने लगा. लेकिन जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने आखिरकार सच कबूल कर लिया. उसने बताया कि उसकी बेटी की मौत कई महीने पहले हो चुकी है और शव अभी भी घर के अंदर पड़ा हुआ है. यह सुनकर रिश्तेदारों के पैरों तले जमीन खिसक गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.

घर का ताला तोड़ते ही सामने आया खौफनाक मंजर

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घर का ताला तोड़ा. जैसे ही पुलिस और परिजन घर के अंदर दाखिल हुए, वहां का दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया. कमरे के भीतर बेड पर महिला का शव सड़ी-गली हालत में पड़ा था, जो लगभग कंकाल में बदल चुका था. घर के अंदर जगह-जगह कूड़ा-कचरा और रद्दी कागजों का ढेर लगा हुआ था. बताया जा रहा है कि बदबू छिपाने के लिए पिता द्वारा परफ्यूम का इस्तेमाल किए जाने की भी बात सामने आई है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मौके से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया.

बीमारी और झाड़-फूंक की बात भी आई सामने

प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि प्रियंका काफी समय से बीमार चल रही थीं और उन्हें पीलिया (जॉन्डिस) जैसी बीमारी थी. कुछ जानकारी के अनुसार, पिता ने इलाज के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लेने की कोशिश की थी. हालांकि पुलिस अभी तक मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं कर पाई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

कई एंगल से जांच जारी

मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता उदयभान विश्वास को हिरासत में ले लिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि बेटी की मौत प्राकृतिक थी या इसमें कोई अन्य कारण भी शामिल है.

इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इतने लंबे समय तक शव घर में पड़ा रहने के बावजूद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली. इस पूरे मामले ने सामाजिक और मानसिक स्थिति से जुड़े कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं.

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