कानपुर के 11 पुलिसकर्मियों ने मोहम्मद उजैर और लक्ष्मण के साथ ऐसा क्या किया कि अब नप गए? इनका कांड चौंका देगा

रंजय सिंह

• 01:57 PM • 15 Jul 2025

UP News: कानपुर में 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इनके खिलाफ जो आरोप लगे हैं, उसने सभी को चौंका दिया है.

Kanpur, Kanpur News, Kanpur crime news, Kanpur police, Kanpur hindi news, up news, up viral news, up crime news, कानपुर, कानपुर न्यूज, कानपुर क्राइम न्यूज, कानपुर वायरल न्यूज, यूपी न्यूज, यूपी वायरल न्यूज

up news

Google CTA

Kanpur News: कानपुर पुलिस का गजब कारनामा देखने को मिला. यहां पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में मवेशियों को ले जा रहे 2 युवकों के साथ कांड कर डाला. मगर अब सभी पुलिसकर्मी खुद ही फंस गए. जानिए पूरा मामला.

यह भी पढ़ें...

कानपुर के बर्रा इलाके में हाईवे पर मवेशियों को ले जा रही गाड़ी के ड्राइवर से 500-500 रुपये न देने पर मारपीट करने के मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच में दोषी पाए गए 11 पुलिसकर्मियों को दो दिन के भीतर निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई.

हर सिपाही ने मांगे थे 500-500 रुपये

मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को अलीगढ़ निवासी मोहम्मद उजैर अपने चालक लक्ष्मण के साथ सरसौल से मवेशी खरीदकर रामादेवी-भौंती हाईवे होते हुए लौट रहे थे. बर्रा हाईवे पर पहुंचते ही पीआरवी की तीन गाड़ियों ने उन्हें रोक लिया. आरोप है कि हर सिपाही ने उनसे 500 रुपये की मांग की. जब उन्होंने रुपये देने से इनकार किया, तो सिपाहियों ने दोनों को गाड़ी से खींचकर पीटा और गाड़ी में रखे करीब 10 हजार रुपये भी छीन लिए.

ये भी पढ़ें: एनकाउंटर के बाद जब मुजफ्फरनगर पहुंची शाहरुख पठान की बॉडी तो देखने उमड़ा पूरा हुजूम, ग्राउंड पर ऐसा था नजारा

पीड़ितों पर ही दर्ज किया गया केस

इसके बाद बर्रा पुलिस ने उनकी पिकअप जब्त कर ली और पीड़ितों के खिलाफ ही पशु क्रूरता का केस दर्ज कर दिया. घायल व्यापारी का वीडियो वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया और वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया.

ये भी पढ़ें: गुजरात से राजस्थान जा रही बस कानपुर से गुजरी तो उसमें से आने लगी ‘बचाओं’ की आवाज, अंदर 2 महिलाओं के बीच गजब हो रहा था

जांच में सब खुलकर सामने आया

डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने जांच की जिम्मेदारी एडीसीपी साउथ योगेश कुमार और डायल-112 प्रभारी को सौंपी. जांच में सामने आया कि घटना के वक्त तीनों पीआरवी गाड़ियों की लोकेशन घटनास्थल पर ही थी. पीड़ित व्यापारी ने आरोपी सिपाहियों की भी पहचान कर ली. जांच में मारपीट और लूट के आरोप सही पाए गए. पुलिस कमिश्नर के स्टाफ ऑफिसर राजेश पांडेय ने बताया कि मामले में सभी 11 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं. उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.