मैं ठाकुर हूं बोल बवाल करने वाली आस्था सिंह को लेकर दूसरे पक्ष की ऋतु मिश्रा ने किया नया दावा, उस दिन ये भी हुआ!

Kanpur HDFC Bank controversy: कानपुर के HDFC बैंक में 'मैं ठाकुर हूं' बोलकर चर्चा में आईं आस्था सिंह के दावों पर अब दूसरे पक्ष ऋतु मिश्रा और उनके पति ने पलटवार किया है. ऋतु मिश्रा का आरोप है कि बैंक में खराब वर्क कल्चर और मैनेजर की बदतमीजी के कारण वे इस्तीफा देने गई थीं जहां आस्था सिंह ने छोटी सी बात पर हंगामा किया.

Aastha Singh VS Ritu Mishra

रंजय सिंह

10 Feb 2026 (अपडेटेड: 10 Feb 2026, 04:21 PM)

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Kanpur HDFC Bank controversy: कानपुर के HDFC बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह का 'मैं ठाकुर हूं' वाला वीडियो इन दिनों खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में आस्था सिंह गुस्से में अपनी जाति का हवाला देते हुए बहस करती नजर आ रही हैं. एक ओर आस्था सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी सहकर्मी ऋतु मिश्रा के पति ऋषि मिश्रा ने उनके साथ बदतमीजी की जिसके बाद उन्होंने ये सब बाते कही हैं. वहीं दूसरी ओर अब इस पूरे मामले में  शामिल दूसरा पक्ष भी सानने आ चुका है. बैंक की पूर्व कर्मचारी ऋतु मिश्रा और उनके पति ऋषि मिश्रा ने यूपी TAK से बातचीत में आस्था सिंह के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बैंक मैनेजमेंट पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

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9 बजे इस्तीफा देने गई थी और शाम तक बिठाए रखा

ऋतु मिश्रा के पति ऋषि मिश्रा का कहना है कि उनकी पत्नी सुबह 9 बजे ही इस्तीफा देने बैंक पहुंच गई थीं. लेकिन बैंक अधिकारियों ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और उन्हें घंटों बिठाए रखा. ऋषि के मुताबिक 'मैं दोपहर 3 बजे वहां पहुंचा क्योंकि मेरी पत्नी सुबह से परेशान थी. वहां आस्था के बगल में बैठे एक लड़के से मैंने सिर्फ इतना पूछा कि काम में इतनी देरी क्यों हो रही है? इसी बात पर आस्था सिंह ने भड़कना शुरू कर दिया.'

जातिवाद या बदतमीजी? ऋषि मिश्रा की सफाई

आस्था सिंह ने आरोप लगाया था कि ऋषि ने उनसे उनकी जाति पूछी और गर्मी निकालने की धमकी दी. इस पर ऋषि मिश्रा ने कहा कि बैंक में सीसीटीवी लगे हैं उसकी फुटेज निकाली जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही. मैंने उनसे उनकी बिरादरी नहीं पूछी बल्कि उन्होंने खुद चिल्लाकर अपनी जाति बताई. ऋषि ने इस पूरे मामले की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर साक्ष्यों के साथ दर्ज कराई है.

31 दिसंबर की वो रात और 11 बजे की छुट्टी

विवाद की जड़ में बैंक का वर्क कल्चर भी सामने आया है. ऋतु मिश्रा ने बताया कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया. बैंक की गाइडलाइन 6.30 बजे की है. लेकिन अक्सर 8-9 बजे तक रोका जाता था. 31 दिसंबर 2024 की रात ऋतु को रात 11 बजे तक बैंक में रोका गया जबकि उनकी 8 महीने की बच्ची घर पर अकेली थी. ऋतु का आरोप है कि ब्रांच मैनेजर सुमित सिंह का व्यवहार भी उनके प्रति अभद्र था जिससे तंग आकर उन्होंने रिजाइन करने का फैसला किया.

6 जनवरी को असल में क्या हुआ था?

6 जनवरी को हुए उस वायरल वीडियो के पीछे की कहानी बताते हुए ऋतु ने कहा कि उस दिन वह अपनी ननद के साथ बैंक गई थीं.मेरी ननद वाशरूम गई थीं जहां आस्था मैडम पहले से थीं. डोर लॉक नहीं था. इसलिए ननद ने दरवाजा खोला.इसी बात पर आस्था ने हंगामा शुरू कर दिया. उन्होंने न केवल अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया बल्कि लैपटॉप उठाकर मारने की कोशिश भी की.'

'हमें ट्रेनिंग में सभ्यता सिखाई जाती है गाली-गलौज नहीं'

ऋतु मिश्रा ने कहा कि वह खुद एक बैंक कर्मचारी रही हैं और उन्हें पता है कि कस्टमर या सहकर्मी से कैसे बात की जाती है. उन्होंने मांग की है कि आस्था सिंह पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें तुरंत टर्मिनेट किया जाना चाहिए. ऋतु ने साफ किया कि वह किसी भी लीगल कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं. क्योंकि उनके पास अपनी बात साबित करने के लिए अकाउंट नंबर और अन्य सबूत मौजूद हैं.

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