Aastha Singh Exclusive: उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित पनकी में HDFC बैंक की एक महिला कर्मचारी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. वीडियो में महिला कर्मचारी गुस्से में एक व्यक्ति से बहस करते हुए कह रही हैं कि 'मैं ठाकुर हूं.' इस 45 सेकंड के क्लिप के वायरल होने के बाद अब बैंक कर्मचारी आस्था सिंह ने यूपी Tak से खास बातचीत में अपना पक्ष रखा है और बताया है कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा था.
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यहां देखें पूरा वीडियो
'यह जातिवाद नहीं आत्मसम्मान की लड़ाई है'
आस्था सिंह ने यूपी Tak से बात करते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में दिसंबर के महीने में HDFC बैंक ज्वाइन किया है. आस्था एचडीएफसी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर आस्था ने कहा कि वीडियो को जानबूझकर जातिवाद का रंग दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति से उनकी बहस हो रही थी वह कोई कस्टमर नहीं बल्कि बैंक की ही एक पूर्व कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी के पति ऋषि मिश्रा थे. आस्था के मुताबिक विवाद की शुरुआत ऋषि मिश्रा द्वारा उनकी जाति पूछने और धमकी देने से हुई. आस्था ने बताया कि 'मुझसे सीधे पूछा गया कि तुम कौन सी जाति की हो जो इतनी अकड़ दिखा रही हो? तब मुझे बताना पड़ा कि मैं ठाकुर हूं. अगर मैं किसी और जाति की होती तो शायद लोग इसे एक मनचले को सबक सिखाने के तौर पर देखते. लेकिन मेरी जाति की वजह से इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है.'
विवाद की असली वजह
आस्था सिंह ने बताया कि विवाद की जड़ बहुत छोटी थी. दरअसल सुबह बाथरूम का गेट खोलने को लेकर आस्था की कहासुनी ऋषि मिश्रा की छोटी बहन से हुई थी. शाम को जब कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी अपना रिलीविंग लेटर लेने आईं तो उनके पति ऋषि मिश्रा भी साथ थे. आरोप है कि इस दौरान ऋषि मिश्रा ने उनके पास आकर सीधे धमकी देते हुए कहा कि 'मैं तुम्हारी गर्मी निकाल दूंगा, तुम्हें ज्यादा हेकड़ी है,मैं प्रेस में हूं. जब कोई महिला कर्मचारी से कहे कि गर्मी निकाल दूंगा तो क्या मुझे चुप रहना चाहिए था? क्या मेरा कोई आत्मसम्मान नहीं है?'
आधा वीडियो वायरल होने का आरोप
आस्था ने मांग की है कि सोशल मीडिया पर चल रहा केवल 45 सेकंड का वीडियो अधूरा है. उन्होंने कहा कि 6 जनवरी की इस घटना का पूरा CCTV फुटेज निकाला जाना चाहिए जिससे पता चलेगा कि अभद्रता की शुरुआत किसने की थी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस समय वीडियो वायरल करने का मकसद उनकी छवि खराब करना और कुछ हालिया फिल्मों या विवादों से जोड़कर इसे जातिवाद का रूप देना है. वीडियो वायरल होने के बाद आस्था सिंह को ऑनलाइन काफी नफरत का सामना करना पड़ रहा है.
अब क्या होगा अगला कदम?
आस्था सिंह ने बताया कि उन्होंने घटना के दिन यानी 6 जनवरी को ही अपने सीनियर्स को मेल कर दिया था. अब वह इस मामले में मानहानि और कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बैंक के सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो उसे सजा मिले.
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