Shivam Mishra to be released: कानपुर में लैंबॉर्गिनी कार से 6 लोगों को रौंदने वाले केस में पुलिस ने आज शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया था.इस दौरान पुलिस ने शिवम मिश्रा के 14 दिन के न्यायिक रिमांड की अर्जी भी दी थी.अब इस मामले में एक नया अपडेट सामने आ चुका है.अदालत ने शिवम को 20,000 रुपये के मुचलके पर रिहा कर दिया गया है.इसके साथ ही पुलिस द्वारा मांगी गई 14 दिन की न्यायिक रिमांड की अर्जी को निरस्त कर दिया है.
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अदालत ने आरोपी शिवम मिश्रा को 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश सुनाया है. इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब कोर्ट रूम में शिवम मिश्रा ने खुद अपनी पैरवी की.सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली और नोटिस प्रक्रिया पर कड़े सवाल खड़े किए. नियमानुसार पुलिस को आरोपी को दो बार नोटिस देना अनिवार्य था. लेकिन विवेचक अदालत में इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण पेश नहीं कर पाए कि शिवम को पहले नोटिस दिए गए थे. कोर्ट ने पुलिस की रिमांड अर्जी को निरस्त करते हुए साफ कर दिया कि जांच प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है.
ड्राइविंग सीट पर ही था शिवम
भले ही शिवम को जमानत मिल गई हो. लेकिन पुलिस की जांच रिपोर्ट उसके खिलाफ गंभीर संकेत दे रही है. पुलिस की अब तक की विवेचना और साक्ष्यों से यह पुष्टि हुई है कि हादसे के वक्त शिवम मिश्रा ही कार की फ्रंट सीट पर मौजूद था .फिलहाल अदालत ने शिवम को 20000 रुपये के मुचलके पर रिहा करते हुए कुछ विशेष निर्देश भी दिए हैं. आरोपी को हर कदम पर पुलिस जांच और विवेचना में सहयोग करना होगा. इसके साथ ही आगे भी पुलिस द्वारा बुलाए जाने पर उसे अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा.
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