कानपुर में 8वीं पास एम्बुलेंस ड्राइवर शिवम अग्रवाल कर देता था किडनी ट्रांसप्लांट, जिस महिला से लिए 80 लाख उसकी जिंदगी खतरे में

Kanpur Kidney Transplant Racket: कानपुर के किडनी कांड में बड़ा खुलासा. 60 से ज्यादा अवैध ट्रांसप्लांट, टेलीग्राम पर होता था अंगों का सौदा. 8वीं पास एम्बुलेंस चालक शिवम बना मास्टरमाइंड डॉक्टर.आहूजा और आरोही हॉस्पिटल सील, डॉक्टर दंपति गिरफ्तार. 80 लाख खर्च कर भी मरीज की हालत नाजुक. अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला है नेटवर्क.

Kanpur Kidney Transplant Racket

सिमर चावला

• 01:57 PM • 01 Apr 2026

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Kanpur Kidney Transplant Racket: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसे किडनी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है जिसका नेटवर्क टेलीग्राम के डिजिटल ग्रुप्स से लेकर विदेश तक फैला हुआ है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक 60 से ज्यादा लोगों की किडनी अवैध रूप से निकाली जा चुकी है. इस रैकेट के काम करने का तरीका पूरी तरह पेशेवर था.रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन वाले दिन अस्पताल के सामान्य स्टाफ को हटा दिया जाता था और बाहर से बुलायी गई एक विशेष सर्जिकल टीम मोर्चा संभालती थी. ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीजों को अलग-अलग ठिकानों पर शिफ्ट कर दिया जाता था ताकि पुलिस या किसी जांच एजेंसी को कोई सुराग न मिल सके. हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के रजिस्टरों में इन ऑपरेशनों की कोई एंट्री तक नहीं होती थी.

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कौन है इस रैकेट का किरदार शिवम अग्रवाल?

इस पूरे रैकेट का सबसे चौंकाने वाला किरदार शिवम अग्रवाल उर्फ काना है. वह महज 8वीं पास है और पहले एम्बुलेंस चलाता था. लेकिन बाद में स्टेथोस्कोप डालकर डॉक्टर बन बैठा और मरीजों का भरोसा जीतने लगा. वहीं मेरठ के एक डॉक्टर अफजाल का नाम सामने आया है जो टेलीग्राम पर डोनर और रिसीवर का सौदा तय कराता था. इसी डिजिटल नेटवर्क के जरिए बिहार के एक MBA छात्र को पैसों का लालच देकर डोनर बनाया गया.

80 लाख देकर पारुल ने कराया ट्रांसप्लांट और आज जिंदगी-मौत के बीच झूल रहीं

इस रैकेट की क्रूरता का अंदाजा पारुल तोमर के मामले से लगाया जा सकता है. पारुल तोमर ने करीब 80 लाख रुपये खर्च कर किडनी ट्रांसप्लांट कराया.लेकिन अस्पताल की लापरवाही और गंदगी के चलते उन्हें गंभीर संक्रमण हो गया. उनका हीमोग्लोबिन गिरकर 6.3 रह गया है और फिलहाल वह लखनऊ के SGPGI में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं.

डॉक्टर दंपति की गिरफ्तारी 

पुलिस ने इस मामले में आहूजा हॉस्पिटल की संचालक डॉक्टर दंपति प्रीति आहूजा और सुरजीत सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया है. इसकी जानकारी खुद हॉस्पिटल में मौजूद एक गॉर्ड ने देते हुए कहा कि 'मैं एक दिन पहले ही ड्यूटी पर आया था. उसी दिन पुलिस आई और अस्पताल के मालिक डॉक्टर दंपति को अपने साथ ले गई. गार्ड के मुताबिक, जैसे ही गिरफ्तारी हुई, अस्पताल का पूरा स्टाफ धीरे-धीरे गायब हो गया. किसी ने कुछ नहीं बताया, बस लोग अपने-अपने रास्ते चले गए.' जांच में एक विदेशी महिला के ट्रांसप्लांट की बात भी सामने आई है जो इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर इशारा करती है. आरोप है कि गिरोह डोनर को महज 6-10 लाख रुपये देकर उसी किडनी को रिसीवर को 90 लाख रुपये से ज्यादा में बेचता था.