Kanpur Turmeric Powder Adulteration News: कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के बाद एक मसाला फैक्ट्री में तैयार हो रहे हल्दी पाउडर को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. पनकी के इस्पात नगर स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज में अधिकारियों को हल्दी पाउडर तैयार होता मिला, लेकिन फैक्ट्री में साबुत हल्दी मौजूद नहीं थी. इसके बजाय वहां बड़ी मात्रा में चावल के टूटे हुए दाने, लिक्विड कलर और अन्य कच्चा माल मिला. ऐसे में अधिकारियों को आशंका हुई कि चावल के टूटे दानों में रंग मिलाकर हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था. कार्रवाई के दौरान करीब 5 लाख 86 हजार 200 रुपये का संदिग्ध स्टॉक जब्त किया गया है. हालांकि, असली तस्वीर लैब रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी.
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फैक्ट्री में मशीनें चल रही थीं
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम जब पनकी की इस फैक्ट्री में पहुंची तो वहां मसालों का उत्पादन चल रहा था. मशीनों के जरिए हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था. जांच के दौरान अधिकारियों ने जब कच्चे माल की पड़ताल की तो उन्हें फैक्ट्री में साबुत हल्दी नहीं मिली. वहीं बड़ी मात्रा में ब्रोकन राइस यानी चावल के टूटे हुए दाने और लिक्विड कलर रखा मिला. इसी वजह से टीम को शक हुआ कि कहीं चावल के टुकड़ों को रंग देकर हल्दी पाउडर तो तैयार नहीं किया जा रहा था. मामले की पुष्टि के लिए विभाग ने मौके से अलग-अलग सामग्री के नमूने लिए हैं.
रंग और चावल समेत 6 सैंपल लिए गए
अधिकारियों ने जांच को सिर्फ तैयार हल्दी पाउडर तक सीमित नहीं रखा. टीम ने कुल छह नमूने एकत्र किए. इनमें हल्दी पाउडर, हल्दी में इस्तेमाल होने वाला लिक्विड कलर, चावल के टूटे हुए दाने, मिर्च पाउडर, मिर्च में इस्तेमाल होने वाला रंग और धनिया पाउडर शामिल हैं. सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है. अब लैब रिपोर्ट से पता चलेगा कि तैयार किए जा रहे मसाले खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या उनमें किसी तरह की मिलावट की गई है.
77 बोरी ब्रोकन राइस मिला
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई. अधिकारियों को 77 बैग चावल के टूटे हुए दाने, 42 बैग हल्दी पाउडर और 30-30 किलो मिर्च व धनिया पाउडर मिला. बरामद सामान की अनुमानित कीमत 5 लाख 86 हजार 200 रुपये बताई गई है. चावल के टूटे दानों और रंग समेत अन्य सामग्री को देखते हुए विभाग ने पूरे संदिग्ध स्टॉक को जब्त कर लिया, ताकि जांच पूरी होने तक यह सामान बाजार में न पहुंच सके.
फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित करने की तैयारी
कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित फर्म का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने बताया 'अगर लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.' उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री में मिलावट रोकने के लिए विभाग लगातार अभियान चला रहा है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे.
मसालों की खरीदारी में सावधानी जरूरी
हल्दी और दूसरे मसाले रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा हैं, इसलिए इनमें मिलावट का मामला सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा है. हालांकि, इस मामले में अभी लैब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और रिपोर्ट आने से पहले मिलावट की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है. विशेषज्ञों के अनुसार अनधिकृत रंग या घटिया सामग्री से खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि मसाले भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त ब्रांड से खरीदें, पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर देखें और बहुत कम कीमत वाले संदिग्ध मसालों से सावधान रहें. खुले या बिना बिल वाले मसाले खरीदने से बचना भी बेहतर है. यदि किसी उत्पाद का रंग, गंध या स्वाद असामान्य लगे तो उसका इस्तेमाल न करें. खाद्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाए या बेचे जाने की जानकारी मिलने पर विभाग को सूचित करें.
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