कानपुर में 3 बच्चों की मां ने प्रेमी को मिलने बुलाया जंगल, दोनों पास आने ही वाले थे कि हो गया ऐसा कांड!

रंजय सिंह

• 12:50 PM • 10 Sep 2026

कानपुर में प्रेम प्रसंग के शक में युवक को 30 घंटे तक बंधक बनाकर पीटा गया. उसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम से भी परिजनों ने हाथापाई की और दरोगा के बिल्ले नोच डाले. मामले में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए हैं.

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कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र में इश्क, शक और बदले की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया. तीन बच्चों की मां ने आधी रात को अपने प्रेमी को मिलने के लिए गांव के बाहर बुलाया. सोचा था कि अंधेरे के साये में प्यार के दो पल बिताएंगे. लेकिन पति को पहले से ही शक था. फिर क्या था, पति और परिजनों ने प्रेमी को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया. इसके बाद जो हुआ वह किसी खौफनाक सपने से कम नहीं था. प्रेमी को घर में हाथ-पैर बांधकर करीब 30 घंटे तक बंधक बनाकर पीटा गया. बात यहीं खत्म नहीं हुई. जब दरोगा पुलिस बल के साथ युवक को छुड़ाने पहुंचे तो सिरफिरे परिजनों ने पुलिस टीम पर ही हमला बोल दिया और दरोगा के बिल्ले तक नोच डाले.

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आधी रात को जंगल में प्रेमी से मिलने पहुंची सुनीता

पूरा मामला कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र का है. यहां की रहने वाली सुनीता की शादी इंद्रेश से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं. पिछले करीब एक साल से सुनीता का संपर्क फतेहपुर के रहने वाले अरुण से था और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था.

रविवार की रात सुनीता ने फोन करके अरुण को गांव के बाहर जंगल के पास मिलने बुलाया. अरुण भी अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए फतेहपुर से कानपुर खिंचा चला आया. सुनीता के पति इंद्रेश को अपनी पत्नी के आचरण पर पहले से संदेह था. जैसे ही सुनीता रात में चुपके से घर से निकली, पति और उसके परिजन पीछे-पीछे निकल पड़े और जंगल के पास दोनों को पकड़ लिया.

30 घंटे तक बंधक बनाकर बर्बरता

प्रेमी अरुण को पकड़ने के बाद परिजनों ने पहले तो उसकी जमकर पिटाई की. फिर उसे गांव के छांजा स्थित घर ले जाकर रस्सियों से बांध दिया. अरुण को एक कमरे में बंद करके रखा गया और करीब 30 घंटे तक उसे खौफनाक यातनाएं दी गईं. जब सुनीता ने प्रेमी को छुड़ाने की गुहार लगाई तो पति और ससुराल वालों की एक ही शर्त थी कि 'हमारी औरत को हमारे पास वापस लाओ, तभी लड़के को छोड़ेंगे.'

प्रेमिका ने प्रेमी के पिता को दी खबर

घटना के वक्त जब परिजनों ने अरुण को पकड़ा तो सुनीता किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकली. उसने तुरंत फतेहपुर में प्रेमी के पिता को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. बेटे के बंधक बनाए जाने और जान के खतरे की खबर सुनते ही प्रेमी के पिता बिना देर किए सुनीता को साथ लेकर सीधे साढ़ थाने पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई.

पुलिस टीम के साथ हाथापाई

शिकायत मिलते ही साढ़ थाने के दरोगा आशीष सिंह पुलिसकर्मियों के साथ युवक को छुड़ाने गांव पहुंचे. लेकिन वहां का माहौल और बिगड़ गया. जैसे ही पुलिस घर में दाखिल हुई, सुनीता के पति इंद्रेश और उसके परिजनों ने पुलिस टीम को घेर लिया. विरोध इतना बढ़ा कि आरोपियों ने दरोगा आशीष सिंह के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और उनके कंधे से बिल्ले तक नोच डाले.

पुलिस पर हमले की खबर मिलते ही थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया और बंधक अरुण को सकुशल छुड़ाकर थाने लाया गया.

दो अलग-अलग FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की है. दरोगा आशीष सिंह की तहरीर पर पति इंद्रेश और उसके परिजनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और हाथापाई करने का केस दर्ज किया गया है. दूसरी FIR अरुण के पिता की शिकायत पर बेटे को अवैध रूप से 30 घंटे तक बंधक बनाने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ है.

एसीपी कृष्ण कुमार यादव के मुताबिक, महिला के बुलावे पर फतेहपुर से आए युवक को ससुराल पक्ष ने बंधक बना लिया था. छुड़ाने गई पुलिस टीम के साथ भी अभद्रता की गई. दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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