UP News: कानपुर के शंकर नगर में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की घटना ने सभी को झकझोर दिया है. एक मासूम नाबालिग बच्ची अपने घर से बाहर निकली थी. उसे तभी ब्लैक स्कॉर्पियो सवार दरिंदों ने अगवा कर लिया फिर उसके साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया. कार में जो 2 लोग थे उनमें दारोगा अमित मौर्य भी था. आरोप है कि 2 घंटे तक दरिंदे नाबालिग संग खैफनाक वारदात को अंजाम देते रहे थे. मां का साया पहले ही पीड़िता के सिर से उठ चुका था, पिता की तबीयत खराब रहती है और अब बहन के साथ हुए गैंगरेप के बाद भाई का कलेजा फटा जा रहा है. पीड़िता के भाई ने उस खौफनाक रात की पूरी दास्तान बयान की है. पढ़ें भाई की जुबानी, उस रात क्या-क्या हुआ?
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'उतर कर आऊं क्या?'... पुलिसवाले ने दी थी धमकी!
पीड़िता के भाई ने बताया कि रात में उसने देखा कि उसकी छोटी बहन घर पर नहीं है. पूरा परिवार उसे ढूंढने निकला. घर के पीछे एक काली स्कॉर्पियो और अपाचे बाइक खड़ी थी. जब भाई ने गाड़ी के पास जाकर देखा, तो उसमें एक पुलिस वाला (दोरागा अमित मौर्य) और का एक लड़का शिवबरन यादव (जो कथित तौर पर पत्रकार बताया जा रहा है) बैठा था. भाई ने जब उनसे वहां खड़े होने का कारण पूछा, तो पुलिस वालेने अकड़ दिखाते हुए कहा, 'उतर कर आऊं क्या?' भाई वहां से चला गया. लेकिन वह गाड़ी करीब एक घंटे तक वहीं खड़ी रही.
रेलवे लाइन के पास ले जाकर किया था गैंगरेप!
करीब आधे-पौने घंटे बाद जब लड़की घर लौटी. वह बदहवास थी. उसने रोते हुए भाई को बताया कि जब वह शौच के लिए गई थी तब पीछे से उसका मुंह दबाकर उसे जबरन ब्लैक स्कॉर्पियो में डाल लिया गया. दरिंदे उसे रेलवे लाइन के किनारे ले गए. यहां कार में मौजूद दो लोगों (जिनमें एक पुलिस वाला शामिल था) ने उसके साथ गैंगरेप किया. वारदात के बाद बच्ची को धमकी दी गई कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे.
भाई के मुताबिक, उसने रात में ही 112 नंबर पर फोन किया. अगले दिन सुबह 11 बजे जब वे चौकी पहुंचा, तो वहां वह आरोपी मौजूद था. पीड़िता ने उसे देखते ही पहचान लिया और कहा, "यही वह लड़का है जिसने मेरे साथ गलत हरकत की." भाई का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही आरोपी गलत भाषा का प्रयोग कर रहा था. इसके बावजूद उसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
पीड़िता के परिवार को मिला पैसों का ऑफर?
पीड़िता के भाई ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन पर मामले को रफा-दफा करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है. भाई ने बताया, "मुझसे कहा गया कि 2-4-10 लाख रुपये ले लो और इज्जत बचा लो, अभी कुछ बिगड़ा नहीं है." परिवार को धमकी दी गई है कि अगर आरोपी जेल गए तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा.
'हमें न्याय चाहिए, पैसे नहीं'
भाई ने गुहार लगाई है कि उसकी बहन की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. भाई ने कहा, "हमें न्याय चाहिए, पैसे नहीं."
शिवबरन हुआ अरेस्ट पर दारोगा है फरार
आरोपी दारोगा अमित मौर्या को भी सस्पेंड कर दिया गया है. मगर वह पुलिस की पकड़ से बाहर है. बताया जा रहा है कि दारोगा फरार हो गया है. दारोगा की गिरफ्तारी के लिए कानपुर पुलिस ने 4 टीमों का गठन किया है. ये टीम लगातार दारोगा की तलाश में रेड मार रही हैं. इसी के साथ पुलिस ने घटना में शामिल पत्रकार शिवबरन यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है.
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